चरखी दादरी। तूफानी बारिश का सिलसिला सोमवार रात तीसरे दिन भी जारी रहा। रात को दादरी में 18, बाढड़ा में 12 और बौंदकलां में सर्वाधिक 32 एमएम बारिश हुई। दादरी शहर में बारिश के चलते सीवर व्यवस्था चरमरा गई और तीसरे दिन भी लोगों को जलभराव से राहत नहीं मिली। आलम यह रहा कि बाजार से लेकर सरकारी कार्यालय और बैंक परिसर में पानी भरा रहा, जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतें झेलनी पड़ीं। दूसरी ओर जन स्वास्थ्य विभाग के पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध के दावे तीन दिन की बारिश में धराशाही हो गए। मंगलवार को संवाददाता ने शहर के विभिन्न जलभराव वाले इलाकों की स्थिति का जायजा तो सड़कों व गलियों पर पानी भरा मिला। पेश है एक रिपोर्ट....
जानिए....किस जगह क्या है जलभराव की स्थिति
1 - रोहतक रोड : रोहतक रोड शहर के मुख्यमार्गों में से एक है। बारिश के चलते इस मार्ग पर परशुराम चौक और डीसी आवास के समीप सड़क के दोनों तरफ पानी भरा है। यहां पानी निकासी के लिए नाला भी है, लेकिन इसका कोई फायदा नजर नहीं आ रहा। प्रतिदिन दो हजार से अधिक दुपहिया वाहन चालकों व पैदल राहगीरों को यहां से गुजरते समय परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
2 - नगर परिषद कार्यालय : पिछले तीन दिनों से नप कार्यालय में करीब एक फुट तक दूषित पानी भरा हुआ है। आलम यह है कि अधिकारियों व कर्मचारियों समेत यहां काम से पहुंचे लोगों को पानी में चलकर कार्यालय तक पहुंचना पड़ रहा है। प्रतिदिन यहां 200 से अधिक लोग विभिन्न कामों से आते हैं और पिछले तीन दिन से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
3 - शनि मंदिर वाली गली : शनि मंदिर वाली गली में बारिश के चलते सीवर व्यवस्था ठप हो गई है और यहां गली में एक से डेढ़ फुट तक पानी भरा है। इसके अलावा बस स्टैंड के पिछली तरफ और पीएनबी के सामने वाली गली समेत बस स्टैंड के सामन की गली में भी दूषित पानी भरा हुआ है और यहां से प्रतिदिन गुजरने वाले तीन हजार लोग परेशानियों का दंश झेलने को विवश हैं।
4 - कोर्ट रोड : शहर के सबसे व्यस्त कोर्ट रोड से मंगलवार को भी पानी की निकासी नहीं हो पाई। परशुराम चौक और सिटी थाना के समीप सड़क पर पानी भरा रहने से स्थानीय दुकानदारों के अलावा दुपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस मार्ग से प्रतिदिन दस हजार से अधिक लोग गुजरते हैं और सीवर व्यवस्था ठप होने से वो परेशान हैं।
वर्जन :
पानी निकासी के लिए हमने अलग-अलग जगहों पर मोटरें लगा दी हैं। इसके अलावा टीमें सीवर ब्लॉकेज भी खोल रही हैं। जल्द ही पानी की निकासी करवा दी जाएगी।
- आरएस गौड़, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग।