चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग में ढाई करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है। गबन का आरोप भागेश्वरी निवासी लिपिक पर है। मामले की खुलासा होने पर मंगलवार को जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन ने पुलिस को इसकी शिकायत दी। वहीं, आरोपी के दो खाते फ्रिज करने के लिए संबंधित बैंक को पत्र लिखा है। आरोपी लिपिक को यह राशि कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के खाते में डालनी थी लेकिन वह उक्त राशि को अपने खातों में जमा करवाता रहा। आरोपी लिपिक 10 सितंबर के बाद से कार्यालय नहीं आया है।
जनस्वास्थ्य विभाग एक्सईएन दलबीर दलाल ने बताया कि भागेश्वरी निवासी सुनील विभाग में क्लर्क (नियमित) के तौर पर कार्यरत है। 22 मार्च 2018 से लेकर 10 सितंबर 2021 तक उसने कार्यालय में अपनी सेवाएं दीं। वह स्थापना शाखा की जिम्मेदारी वहन करता था। एक्सईएन ने बताया कि कुछ सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने ईपीएफ, मेडिक्लेम और बची हुई छुट्टियां की भुगतान राशि उनके खातों में न पहुंचने की लिखित शिकायत दी थी। इसके बाद रिकॉर्ड की जांच की तो मामले का खुलासा हुआ। जांच में पता चला कि मंडल कार्यालय द्वारा भुगतान के लिए बिल खजाना कार्यालय भेजे गए थे और वहां से भुगतान बैंक शाखा में भेज दिया गया था। इसके बाद बैंक शाखा में जाकर जब खाता संख्या की जांच की गई तो पता चला कि राशि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के खातों की बजाय अन्य दो खातों में जमा हुई है।
गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए 17 सितंबर को कार्यकारी अभियंता ने कमेटी का गठन किया। इस कमेटी ने 20 सितंबर को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। जांच में सामने आया कि सरकारी खजाने की करोड़ों की राशि पंजाब नेशनल बैंक शाखा के खाता संख्या 4906000100003582 और 4906000100058063 में भेजी गई है। शिकायत के अनुसार यह भुगतान खजाना कार्यालय की मार्फत क्लर्क सुनील ने 10 सितंबर से पहले करवाया है। इसके बाद से वह कार्यालय से गैरहाजिर है।
दोनों खातों के अलावा लेन देन वाले खाते भी होंगे फ्रिज
गबन के इस मामले में मंगलवार को जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पहले सिटी थाने पहुंचे और फिर एसपी विनोद कुमार से मिले। पुलिस को शिकायत देने के बाद अधिकारी पंजाब नेशनल बैंक पहुंचे और वहां दोनों खाते फ्रिज करने के लिए पत्र सौंपा। इन दो खातों के अलावा जिन खातों में इनसे लेन-देन हुआ है उन्हें भी फ्रिज करने की मांग बैंक से की गई है।
दादरी में तैनात रहने वाले तीन एक्सईएन पहुंचे कार्यालय
पिछले एक साल के अंदर जनस्वास्थ्स विभाग में तीन एक्सईएन ने कार्यभार संभाला है। मौजूदा एक्सईएन दलबीर दलाल समेत पूर्व एक्सईएन शशिकांत और रोहित कुमार भी मंगलवार को कार्यालय पहुंचे। इतना ही नहीं पुलिस और बैंक को शिकायत पत्र देने भी तीनों एक्सईएन एकसाथ गए।
कर्मचारियों में रोष, अफसरों पर मिलीभगत का आरोप
दूसरी ओर जिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों की भुगतान राशि में गबन किया गया है, उन्होंने मंगलवार को कार्यालय पहुंचकर रोष जताया। पूर्व कर्मचारियों ने मामले में अन्य अधिकारियों की मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि क्लर्क की धोखाधड़ी की ओर अधिकारियों ने भी ध्यान नहीं दिया और बिना पुष्टि के लिए भुगतान के लिए बिल को पास कर दिया।
हमारी तो जिंदगीभर की कमाई ले गया क्लर्क
केस-1 : रिटायर्ड वाटर पंप ऑपरेटर जोगेंद्र ने बताया कि वह दिसंबर में सेवानिवृत्त हुआ था। उसकी भुगतान राशि करीब 13 लाख रुपये बनती थी। क्लर्क के गबन करने से उसकी जिंदगीभर की कमाई चली गई। जोगेंद्र ने बताया कि सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली राशि वह सदुपयोग में लेता लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
केस-2: की-मैन रविंद्र ने बताया कि डेढ़ साल से क्लर्क सुनील ने उसका मेडिकल क्लेम बिल अटका रखा था। कुछ समय पहले जब वह क्लर्क से मिला तो फाइल गुम होने की बात कही गई। रविंद्र की 20728 रुपये, जयप्रकाश की 8134 रुपये, ओमप्रकाश की दो भुगतान राशि 11354 और 81479 रुपये का गबन किया गया।
केस-3 : बेलदार नूरहसन ने बताया कि उसकी 11 लाख 78 हजार की राशि का गबन हुआ है। यह राशि उसके खाते में डाली जानी थी, लेकिन क्लर्क ने अपने खाते में डाल ली। नूरहसन ने बताया कि उसकी सारी कमाई क्लर्क अधिकारियों के नाक के नीचे से गबन करके ले गया और अब तक उसके खाते में एक पैसा नहीं पहुंचा है।
सरकार मामले की करवाए विजिलेंस जांच : सांगवान
पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान गबन का मामला सामने आने पर जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के सामने कर्मचारियों की परेशानियों का हवाला देते हुए समाधान की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन का दम भर रही है जबकि अफसरशाही ने दादरी जिले को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है। उन्होंने सरकार से मामले की विजिलेंस जांच की मांग की है।
हमने मामले की शिकायत पुलिस के अलावा बैंक को भी दी है। जिन दो खातों में भुगतान राशि डाली गई है उन्हें फ्रिज कराने की मांग की गई है। कितने कर्मचारियों की भुगतान राशि में गबन किया गया है यह जांच का विषय है। अभी कुछ माह का ही हमने रिकॉर्ड खंगाला है और उसमें यह बात सामने आई है। - दलबीर दलाल, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
इस संबंध में हमारे पास शिकायत आ गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - विनोद कुमार, एसपी, चरखी दादरी