चरखी दादरी। मौसम में आए बदलाव के चलते सिविल अस्पताल में चर्म रोगियों का ओपीडी पिछले दस दिनों से बढ़ी हुई है। जबकि दूसरी ओर जिले में चर्म रोग विशेषज्ञ ही तैनात नहीं है। सामान्य चर्म रोग से ग्रस्त मरीजों को तो अस्पताल परिसर में एमबीबीएस से उपचार मिल रहा है जबकि गंभीर स्थिति के मरीजों को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई और भिवानी रेफर किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि विशेषज्ञ की तैनाती के लिए मुख्यालय कई बार डिमांड और रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं, लेकिन अब तक तैनाती नहीं हो पाई है।
जिले में डेंगू के साथ चर्म रोगों का प्रकोप भी बना हुआ है। गत मानसून में शहर में हुए जलभराव को इन दोनों बीमारियों का कारण माना जा रहा है। सिविल अस्पताल में डेंगू के उपचार के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है, जबकि चर्म रोगों के मरीजों को विशेषज्ञ की सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं। सिविल अस्पताल में चर्म रोग से ग्रस्त प्रतिदिन 20 से 25 मरीज पहुंच रहे हैं।
इन मरीजों को यहां प्राथमिक उपचार तो मिल रहा है, लेकिन गंभीर स्थिति के मरीजों के लिए सिविल अस्पताल में उपचार की कोई सुविधा न होने के चलते उन्हें रेफर करना पड़ रहा है। ऐसे में चर्म रोग का उपचार करवाने के लिए मरीज और तीमारदारों को 60 से 120 किलोमीटर की भागदौड़ करनी पड़ रही है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार विशेषज्ञ की तैनाती के लिए छह माह में एक बार डिमांड और पांच रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी है।
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10 दिन में 60 मरीज किए जा चुके रेफर
सिविल अस्पताल में अगर कोई मरीज सामान्य चर्म रोग से ग्रस्त पहुंचता है तो उसका एमबीबीएस से उपचार करवाया जा रहा है। अगर चर्म रोग गंभीर है तो फिर उस स्थिति में उपचार की बजाय मरीज को रेफर किया जा रहा है। पिछले दस दिनों की अगर बात करें तो करीब 60 मरीज उपचार के लिए भिवानी व रोहतक पीजीआई रेफर किए गए हैं।
ये रखें ख्याल
- नहाते समय सुबह नारियल या सरसों के तेल से शरीर की मालिश करें।
- त्वचा को शुष्क न होने दें और ऐसा होने पर क्रीम लगाएं।
- चर्म रोग से बचाव के लिए अधिक से अधिक पानी का सेवन करें।
- डिहाइड्रेशन से शरीर को बचाने के लिए पेय पदार्थ लेते रहे।
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वर्जन:
चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए हम मुख्यालय डिमांड और रिमाइंडर भेज चुके हैं। अगर सामान्य चर्म रोग से ग्रस्त मरीज अस्पताल पहुंचता है तो उसे उपचार दिया जा रहा है जबकि गंभीर स्थिति के मरीजों को ही रोहतक या भिवानी रेफर किया जा रहा है।
डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ