चरखी दादरी। प्रदेश सरकार ने उपमंडल बनाने के करीब 56 माह बाद बाढड़ा को नगर पालिका का दर्जा दे दिया है। सरकार के स्थानीय निकाय विभाग ने इस संदर्भ में हरियाणा नगरपालिका अधिनियम 1973 के तहत अधिसूचना जारी कर दी है। नगरपालिका बनने से अब उपमंडल मुख्यालय को गांव की बजाय शहर के नाम से जाना जाएगा। अब जिले में शहरी स्थानीय निकाय इकाई की संख्या एक से बढ़कर दो हो गई। इसके साथ ही हंसावास खुर्द को बाढड़ा से जोड़ा जाएगा।
उपायुक्त अमरजीत सिंह मान ने पिछले दिनों ही बाढड़ा नगरपालिका का प्रस्तावित नक्शा अपने अनुमोदन सहित चंडीगढ़ भिजवाया था। इसे तत्काल स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। राज्य के स्थानीय विभाग की ओर से इस बारे में अधिसूचना जारी कर बाढड़ा को नगरपालिका का दर्जा दे दिया गया है। ग्राम पंचायत की बजाय भविष्य में बाढड़ा पालिका के सीमा क्षेत्र में नए वार्ड बनाकर नगरपालिका का चुनाव करवाया जाएगा। यहां के मतदाताओं को भी शहरी वोटर माना जाएगा। अब तक बाढड़ा पूरी तरह ग्रामीण इलाका ही माना जाता था। अब से इसकी गणना शहर के तौर पर की जाएगी। दक्षिणी हरियाणा के इस क्षेत्र में दादरी, लोहारू के बाद यह तीसरी नगरपालिका है। नई अधिसूचना के मुताबिक बाढड़ा नगरपालिका में गांव हंसावास खुर्द शामिल कर लिया गया है। इसलिए अब कस्बा बाढड़ा व हंसावास खुर्द को मिलाकर नए शहर की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
विधायक नैना चौटाला ने सरकार को भेजा था प्रस्ताव
विधायक नैना सिंह ने पहल करते हुए बाढड़ा ग्राम पंचायत का एक प्रस्ताव सरकार को नगरपालिका के लिए भिजवाया था। इसके बाद सरकार की तरफ से उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई। इस कमेटी में भिवानी नगर परिषद आयुक्त डॉ. राहुल नरवाल व जिला नगर योजनाकार नीलम शर्मा को शामिल किया गया। इसी समिति की अनुशंसा पर बाढड़ा को नगरपालिका का दर्जा दिया गया है।
सीवर, पेयजल, सड़क और बिजली आपूर्ति में होगा व्यापक सुधार
विधायक नैना चौटाला के निजी सचिव सूरज बेनीवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मंगलवार को उपायुक्त अमरजीत सिंह मान को मिठाई खिलाकर बाढड़ा नगरपालिका बनने पर खुशी जताई। उपायुक्त ने कहा कि नगरपालिका बनने से बाढड़ा में सीवरेज सिस्टम, पेयजल आपूर्ति, सड़कों, गलियां, नालियां, बिजली आपूर्ति आदि मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा तथा नए विकास कार्य करवाए जाएंगे।
सरकार के आदेश मिलते ही करवाई जाएगी वार्डबंदी
बाढड़ा के एसडीएम शंभू राठी ने कहा कि नगरपालिका बनने के बाद अब इसके सीमा क्षेत्र में सरकार के आदेश मिलने पर वार्डबंदी का काम होगा। तदोपरांत राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से बाढड़ा में नगरपालिका का चुनाव करवाया जाएगा। नई नगरपालिका की सीमाएं बाढड़ा व हंसावास खुर्द के साथ लगते गांव जेवली, चांदवास, भांडवा, कारी मोद, कारी धारिणी, डालावास के साथ लगती हैं।
किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए यह आवश्यक है कि वहां प्रशासनिक ढांचा मजबूत होना चाहिए। इसीलिए सरकार से बाढड़ा को नगरपालिका बनवाने का अनुरोध किया गया था। क्षेत्र के निवासियों को बाढड़ा नगरपालिका का गठन होने पर शुभकामनाएं।
नैना सिंह चौटाला, विधायक, बाढड़ा