एक तरफ नगर परिषद स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर तैयारियों में जुटी हुई है, तो दूसरी ओर दादरी शहर के बाजारों से डस्टबिन ही नहीं हैं। ऐसा हाल एक दो नहीं, बल्कि ज्यादातर मार्केट का है। डस्टबिन की कमी के चलते बाजार के दो हजार दुकानदारों के सामने कचरा निस्तारण की समस्या बनी हुई है। दुकानदारों का कहना है कि कचरा उठान के लिए गाड़ी आने के बाद उन्हें सड़क पर कचरा फेंकना पड़ रहा है। मार्केट के दुकानदारों ने बताया कि करीब तीन साल पहले डिवाइडर पर रखवाए गए डस्टबिन टूट चुके हैं और इसके बाद से ही नगर परिषद ने नए डस्टबिन की व्यवस्था नहीं की है। वहीं, बाजारों में अस्थायी डंपिंग प्वाइंट पर भी डस्टबिन नहीं है। बाजारों में डस्टबिन की कमी पर अमर उजाला की विशेष रिपोर्ट...
बस स्टैंड रोड : 300 दुकानें, डस्टबिन एक भी नहीं
बस स्टैंड रोड पर नगर परिषद कार्यालय से लेकर परशुराम चौक तक सड़के के दोनों ओर करीब 300 दुकानें हैं। दुकानदार रमेश, उमेद, रोहताश, सतीश मुकेश, सज्जन, प्रदीप का कहना है कि तीन साल पहले डिवाइडर पर डस्टबिन लगवाए गए थे, लेकिन उन्हें टूटे हुए एक साल से अधिक समय बीत चुका है और अब तक नप ने यहां डस्टबिन की व्यवस्था नहीं की है। मजबूरीवश दुकानदार सड़क पर कचरा फेंक रहे हैं।
रोहतक रोड: 60 दुकानदार परेशान, सड़क किनारे लगा कचरे का ढेर
रोहतक रोड पर ऑटो मार्केट सहित 60 दुकानें है, लेकिन कचरा डालने के लिए एक भी डस्टबिन नहीं है। डस्टबिन की कमी के चलते दुकानदार सड़क किनारे कचरे का निस्तारण कर रहे हैं और बाद में नगर परिषद टीम यहां से कचरे का उठान करती है। मोनू सैनी, विशंभर, बजरंगी, ओम आदि दुकानदारों ने बताया कि अस्थायी डंपिंग प्वाइंट पर रखा डस्टबिन करीब दो साल पहले टूट गया था और उसके बाद से नया डस्टबिन यहां नहीं रखा गया है।
मुख्य बाजार : 500 दुकानों के लिए नहीं रखा गया एक भी डस्टबिन
शहर के मुख्य बाजार में करीब पांच सौ दुकानें है और यहां 100 से अधिक फलों और सब्जियों की रेहड़ियां भी लगती हैं। इसके बावजूद इस क्षेत्र में नगर परिषद ने डस्टबिन नहीं रखा हुआ है। दुकानदार राहुल, सरजीत, सुखेश, राजेंद्र, सोहन, हरदीप, रोशन का कहना है कि अगर नप मार्केट में कचरा डालने के लिए डस्टबिन रखवा दे तो कचरा सड़क पर नहीं फैलेगा।
काठमंडी रोड: 100 से अधिक दुकानें, फिर भी डस्टबिन की कमी
शहर की काठमंडी में 100 से अधिक दुकानें हैं। दुकानदार संजीव, राघव, सूरज, मंगेश, सुरेश, कृष्ण, सुखेंद्र, रजनीश, रामकुमार का कहना है कि कचरे का उठान तो यहां से किया जा रहा है, लेकिन डस्टबिन की कमी है। उनका कहना है कि नप टीम सुबह या शाम आती है जबकि अगर दिन के समय कचरा फेंकना पड़ जाए तो सड़क के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है।
डोर-टू-डोर गाड़ियां भी भेज रहे हैं
बाजार व मार्केट से कचरे का नियमित उठान हो रहा है और डोर-टू-डोर गाड़ियां भी भेज रहे है। डस्टबिन की जगह सीधा गाडी में कचरा डालना दुकानदार अधिक पसंद करते हैं। अगर दुकानदार इसमें असुविधा मान रहे हैं, तो बाजार की मुख्य जगहों पर जल्द ही डस्टबिन रखवा दिए जाएंगे।
-विरेंद्र सिंह, एसडीएम एव नप प्रशासक