हरियाणा के महेंद्रगढ़ के सतनाली के समीप शनिवार देर शाम हुए हादसे में राजस्थान पुलिस की ओर से मोस्ट वांटेड घोषित किए गए व्यक्ति की मौत हो गई। 40 वर्षीय मृतक विनोद उर्फ लिलिया राजस्थान के मालूपुरा गांव का रहने वाला था और पैरोल पर जेल से बाहर आया हुआ था। हादसे के तुरंत बाद उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया गया और वहां जाते समय चरखी दादरी पहुंचने पर उसकी मौत हो गई। महेंद्रगढ़ पुलिस ने मृतक के शव को दादरी सिविल अस्पताल में रखवा दिया है और सोमवार सुबह उसका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
एसआई राकेश कुमार ने बताया कि शनिवार देर शाम करीब छह बजे उन्हें सूचना मिली थी कि सतनाली के एक कॉलेज के समीप हादसा हो गया। सूचना मिलने के बाद वो मौके पर पहुंचे तो पाया कि खंभे ले जा रहे ट्रैक्टर से बोलेरो टकरा गई। उन्होंने बताया कि बोलेरो सवार तीन युवक घायल मिले और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
वहां से विनोद उर्फ लिलिया समेत उसके एक साथी को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने विनोद को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही देर रात पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। एसआई राकेश कुमार ने बताया कि मृतक के परिजन आने पर सोमवार सुबह पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
तीन केसों में मोस्ट वांटेड था विनोद उर्फ लिलिया
एसआई राकेश कुमार ने बताया कि बोलेरो सवार तीनों व्यक्ति पैरोल पर जेल से बाहर आए हुए थे। उनमें से विनोद राजस्थान पुलिस का तीन केसों में मोस्ट वांटेड था। तीनों व्यक्ति किसी काम के लिए महेंद्रगढ़ आए हुए थे और सतनाली के समीप हादसे का शिकार हो गए।
दादरी अस्पताल में मृतक का गलत नाम लिखवाकर फरार हुए दोनों साथी
एसआई राकेश कुमार ने बताया कि दादरी सिविल अस्पताल में विनोद को लाने वाले उसके दो साथियों ने नाम भरत लिखवा दिया। गलत नाम लिखवाने से पुलिस को मृतक की पहचान करने में काफी दिक्कतें आई। एसआई ने बताया कि राकेश के शव को अस्पताल में छोड़कर उसके दोनों साथी चले गए।
हादसे में दम तोड़ने वाला विनोद राजस्थान पुलिस का मोस्ट वांटेड था। उसके परिजनों को हमने सूचित कर दिया है। सोमवार सुबह शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। - राकेश कुमार, एसआई, महेंद्रगढ़ पुलिस