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नैना चौटाला ने उठाया बाढ़डा बाईपास मुद्दा तो डिप्टी सीएम दुष्यंत बोले- भेजी है डीपीआर

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विधायक नैना चौटाला। - फोटो : CharkhiDadri
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बाढड़ा कस्बे को जाम की समस्या से जल्द ही निजात मिलने की उम्मीद है। इस संबंध में बाढड़ा हलके से विधायक एवं वरिष्ठ जेजेपी नेत्री नैना चौटाला ने मंगलवार को हरियाणा विधानसभा सत्र में मुद्दा उठाया। इस पर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि फिलहाल बाढड़ा बाईपास की डीपीआर एनएचआई को भेजी हुई है। अगर वहां मंजूर नहीं होती है तो पीडब्ल्यूडी टेकअप कर लेगा। इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। वहीं, नैना चौटाला ने बाढड़ा उपमंडल में बेपटरी स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सरकार से जवाब मांगा है।
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गौरतलब है कि बाढड़ा कस्बे से नेशनल मार्ग लगते हैं तो वहीं कस्बा सैकड़ों गांवों का केंद्र बिंदु भी है। इस कारण यहां वाहनों की आवाजाही ज्यादा रहती है और मुख्य चौक पर हर समय जाम के हालात बने रहते हैं। हलके के लोगों द्वारा कई सालों से बाढड़ा में बाईपास निर्माण करवाने की सरकार से पुरजोर मांग रही है। जिस पर विधायक नैना चौटाला ने इसे मुख्य तौर पर विस सत्र में उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा है। विधायक नैना चौटाला का कहना है कि बाईपास निर्माण व क्षेत्र में अन्य विकास कार्यों को पूरा करवाने के लिए वे प्रयासरत है।
इसके अलावा उन्होंने विस सत्र में बाढड़ा हलके के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लटकते बिजली तारों की सुध लेने बारे भी संबंधित मंत्री से जवाब मांगा। नैना चौटाला ने कहा कि ग्रामीण आंचल व खेतों से गुजरने वाली बिजली लाइनों के तार जर्जर होने से कई हादसे हो चुके हैं। कई किसान इन हादसों का शिकार हो चुके हैं। जरूरी है कि कंडम बिजली लाइनों व तारों का नवीनीकरण कर समस्या दूर की जाए। नैना चौटाला ने विस सत्र में सवाल लगाते हुए कहा है कि बाढड़ा को उपमंडल बने हुए लगभग तीन साल से भी अधिक समय हो गया है, लेकिन मुख्यालय पर कोई सरकारी अस्पताल नहीं है। बाढडा कस्बे में एक पीएचसी जरूर है। उसमें भी किसी तरह की सुविधा नहीं है।
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बाढड़ा में 13 मेडिकल ऑफिसर के पद खाली
बाढडा विधानसभा क्षेत्र में कुल दो सीएचसी और आठ पीएचसी जिनमें एसएमओ के दो व एमओ के 26 पद स्वीकृत हैं। लेकिन एमओ के 13 पद लंबे समय से खाली हैं। जहां गांव झोझू कलां स्थित सीएचसी में एसएमओ का पद खाली है, वहीं गांव गोपी स्थित सीएचसी में एमओ के स्वीकृत सभी 7 पद खाली हैं। बाढडा क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं लेने के लिए 35 किमी दूर दादरी जिला मुख्यालय पर आना पड़ता हैं।
सौ बेड का दादरी अस्पताल बना रेफर सेंटर
नैना चौटाला ने विस सत्र में कहा है कि दादरी जिला मुख्यालय पर 100 बेड का अस्पताल है, लेकिन यह मात्र रेफर सेंटर बनकर रह गया है। किसी भी तरह की मूलभूत सुविधाएं इस अस्पताल में नहीं हैं। लगभग सभी रोग विशेषज्ञों के पद भी खाली हैं। मरीजों को जरूरी सभी प्रकार के टेस्ट बाहर महंगे दामों में करवाने पड़ते हैं। आपरेशन थिएटर जरूर है, लेकिन सर्जन के अभाव में प्रयोग में नहीं आ रहा। दादरी जिले में एसएमओ और एमओ के 61 पद खाली हैं। सरकार इन विषयों पर गंभीरता से कदम उठाए, ताकि आम जन को स्वास्थ्य सुविधाएं सुचारु रूप से मिल सकें।
इन मुद्दों पर भी मांगा जवाब
इसके साथ ही नैना चौटाला ने बाढड़ा मुख्यालय पर स्थायी सब्जी मंडी निर्माण, क्रशर जोन के श्रमिकों के लिए मिनी स्वास्थ्य केंद्र निर्माण के साथ ही सीएम द्वारा घोषित गांव घसौला, ऊण, बालरोड़, काकड़ौली सरदारा, कारीरुपादास, मांढी केहर, नांधा, मेहड़ा, आर्यनगर, मोड़ी में पार्क कम व्यायामशाला का निर्माण कब पूरा होगा। इस पर भी गंभीरता से जवाब मांगा है।
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