बहन संगीता फोगाट ने विनेश फोगाट के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि हमने बचपन से देखा है विनेश को हर सही चीज के लिए लड़ते हुए। हर हार के बाद दोबारा उठ कर लड़ते हुए। आज हम भी आपको हौसला नहीं दे सकते क्योंकि आपके इस फैसले ने हमें अंदर तक झकझोर दिया है। आप एक महान खिलाड़ी है।
वहीं, टोक्यो ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया ने इस फैसले पर एक्स पर लिखा कि विनेश आप हारी नहीं हराया गया है। आप भारत की बेटी के साथ हमारा अभिमान है आप हमेशा विजेता रहेंगी। उन्होंने एक और पोस्ट साझा करते हुए कहा कि इन बेटियों के रास्तों पर कांटे बोने वालों, ये बेटियां फिर खड़ी होंगी और फिर लड़ेंगी ये बेटियां जीतेंगी जरूर।
उन्होंने शिवमंगल सिंह 'सुमन' की कविता की कुछ पंक्तियां भी साझा की क्या हार में क्या जीत में, किंचित नहीं भयभीत मैं, संघर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही। वरदान मांगूंगा नहीं। चाहे हृदय को ताप दो, चाहे मुझे अभिशाप दो, कुछ भी करो कर्तव्य पथ से किंतु भागूंगा नहीं, वरदान मांगूंगा नहीं। इसी कविता को 22 दिसंबर, 2023 को विनेश ने बजरंग पूनिया के लिए तब पोस्ट किया था जब उन्होंने पद्मश्री अवार्ड को लौटा दिया था।