चरखी दादरी। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से 27 सितंबर को पूर्णतया बंद रहेगा। इस बंद में देश की 10 ट्रेड यूनियनें, मजदूरों व कर्मचारियों के संगठन भी शामिल होंगे। यह बात कितलाना टोल पर जारी धरने को संबोधित करते हुए सांगवान खाप-40 के सचिव नरसिंह सांगवान डीपीई ने कही। कितलाना टोल पर महान समाज सुधारक ईवी रामास्वामी पेरियार की जयंती भी मनाई गई। मजदूर नेता सुखदेव पालवास ने रामास्वामी को 20 वीं सदी का महान समाज सुधारक बताया।
नरसिंह ने कहा कि बंद करना किसान मोर्चा का शौक नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार किसानों की जायज मांगों की उपेक्षा करके उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर कर रही है। धरने को भारतीय किसान यूनियन नेता घासीराम नैन व राज्य प्रधान जोगेंद्र नैन ने भी संबोधित किया। घासीराम ने कहा कि दिल्ली बार्डरों पर रास्ता किसानों ने नहीं रोका, बल्कि किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए प्रदेश व केंद्र सरकार ने रोका है।
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता गंगाराम श्योराण ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि देश में अगर कोई सामाजिक कार्यकर्ता या सही सोच रखने वाला आदमी किसान आंदोलन का समर्थन करता है, उसको भयभीत करने के उद्देश्य से आयकर विभाग की छापेमारी करवाई जा रही है। प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर और सोनू सूद जो हमेशा गरीबों व असहाय लोगों की आवाज उठाते हैं। कोरोना काल में पीड़ित जनता को राहत पहुंचाने में इनका बहुत बड़ा योगदान था, सरकार ने इनको भी नहीं बख्शा है। आज देश में अघोषित आपातकाल लगा रखा है।
धरने की अध्यक्षता सांगवान खाप से नरसिंह सांगवान डीपीई, श्योराण खाप से बिजेंद्र बेरला, किसान सभा से सत्यवान, बलबीर बजाड़, मास्टर राजसिंह जताई, पंवार खाप से बलवंत रानीला, मजदूर नेता सुखदेव, रतनी डोहकी, प्रेम शर्मा व बिमला कितलाना ने संयुक्त रूप से की। इस अवसर पर मास्टर ताराचंद चरखी, ओमप्रकाश, सूरजभान सांगवान, सुरेंद्र कुब्जानगर, अजीत धनाना, अमित सांगवान, राजबाला, दिलबाग ढुल, कप्तान रामफल, जगदीश, धर्मेंद्र छपार, मीर सिंह, सूबे सिंह छपार, संतूराम आदि मौजूद रहे।