चरखी दादरी। जिले में डेंगू के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले दो माह की बात करें तो हर दूसरे दिन एक केस सामने आया है। अब तक डेंगू के 25 केस और मलेरिया पीड़ित दो लोग मिले हैं। अहम बात ये है कि इस सीजन में डेंगू का प्रकोप 15 से 45 आयुवर्ग के लोगों में ज्यादा देखने को मिल रहा है।
जिले में डेंगू और मलेरिया ने जुलाई माह में ही दस्तक दे दी थी। इसके बाद से लगातार डेंगू केस मिल रहे हैं जबकि मलेरिया केस पर दो के बाद विराम लगा है। स्वास्थ्य विभाग के तमाम प्रयासों के बाद भी डेंगू के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। विभागीय टीमें डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए मई से अक्तूबर माह तक रैपिड फीवर सर्वे के तहत हर माह की एक से 10 तारीख तक घर-घर जाकर सर्वे करेंगी। इसके तहत भी डेंगू केस पकड़ में आ रहे हैं। अब तक जो 25 डेंगू के केस पाए गए हैं उनमें से 22 सैंपलों की जांच सरकारी लैब में और तीन की निजी लैब में हुई है। निजी लैब संचालकों के लिए डेंगू जांच फीस छह सौ रुपये तय है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से तालाबों में मच्छर का लारवा खत्म करने के लिए गंबूजिया मछली भी छोड़ी जा रही हैं। गंबूजिया मछली पूरे तालाब को गंदा नहीं करती और डेंगू और मलेरिया से बचाती हैं। यह मच्छरों का लारवा खा जाती हैं, जिससे मच्छर पनप नहीं पाते हैं।
शहर में 18 तो गांवों में मिले 7 केस
डेंगू का प्रकोप गांव के मुकाबले शहर में ज्यादा है। अब तक शहर में 18 डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं जिनमें 15 पुरुष और तीन महिलाएं हैं। इसी प्रकार गांवों में 7 केस मिले हैं जिनमें चार महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं। ऐसे में स्पष्ट है कि महिलाओं के मुकाबले पुरुष डेंगू का अधिक शिकार हुए हैं। गांवों की बात करें तो सांतौर, पिचोपा, कलियाणा, बधवाना और अचीना में एक जबकि ढाणी फौगाट में दो केस मिले हैं। मलेरिया का एक केस झोझूखुर्द में जबकि दूसरा बधवाना में मिल है।
पिछले चार सालों में जिले में यह रही है डेंगू व मलेरिया की स्थिति
वर्ष डेंगू मलेरिया
2020 138 2
2021 639 6
2022 364 2
2023 25 2
जानिये...किस आयुवर्ग में कितने लोग हुए डेंगू का शिकार
आयुवर्ग- मरीज
6 से 14 वर्ष - 8
15 से 45 वर्ष - 16
45 वर्ष से अधिक - 1
जिले में यह है फॉगिंग मशीनों की स्थिति
जिले में मलेरिया व डेंगू की रोकथाम के लिए फॉगिंग करने को कुल 164 मशीनें उपलब्ध हैं। इसमें से 160 मशीनें पंचायत विभाग के पास हैं। वहीं शहर में फॉगिंग के लिए नगर परिषद के पास अभी तक महज दो मशीनें ही हैं। मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए अभी तक तैयारी भी नहीं की गई है। केवल दो मशीनों के सहारे ही शहर के 21 वार्डों में फॉगिंग करने की जिम्मेदारी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के पास भी दो मशीनें उपलब्ध हैं।
जिले में अब तक डेंगू के 25 और मलेरिया के 2 केस मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार लोगों को घर-घर पहुंचकर जागरूक कर रही हैं। मई से अक्तूबर माह तक रैपिड फीवर सर्वे के तहत डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
-गौरव भारद्वाज, नोडल अधिकारी, मलेरिया एवं डेंगू