एनएच152-डी (गंगहेडी से इस्माइलाबाद) का निर्माण कार्य जिले में जोरों पर है। खातीवास के समीप चल रहा कार्य जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है और इसके बाद इस पर वाहन फर्राटा भरते नजर आएंगे। वहीं, वन विभाग ने जिले से गुजरने वाले एनएच के भाग पर हरियाली करने की योजना की है। इसके तहत एक लाख 36 हजार पौध यहां लगाई जाएंगी। ये पौध वन विभाग नर्सरियों में तैयार कर रहा है और इस मानसून सीजन में ये पौध नेशल हाईवे-152 डी के साथ रोपित कर दी जाएंगी। जिला की सीमा में दादरी वानिकी विभाग की ओर से पौधरोपण किया जाएगा।
आगामी मानसून सीजन के लिए वन विभाग अपनी नर्सरियों में करीब चार लाख पौध तैयार कर रहा है। ये पौध जिले में अलग-अलग स्थानों पर लगाई जाएंगी। इसके अलावा जनसंगठनों और ग्राम पंचायतों समेत स्कूली विद्यार्थियों व वॉलंटियर्स की भी इस काम में मदद ली जाएगी। वहीं, विभाग ने एनएच-152 डी पर पौधरोपण करने की योजना तैयार कर ली है। इसके मद्देनजर नर्सरियों में विभिन्न प्रजातियों की पौध तैयार की जा रही हैं। विकास के लिहाज से बनाए जा रहे एनएच के चलते सैंकड़ों पेड़ काटने पड़े थे। वहीं, सरकार की योजना है कि जितने पेड़ काटे जाए उससे कहीं ज्यादा नई पौध लगाई जाए ताकि पर्यावरण संतुलन न बिगड़ने पाए। वैसे भी हर साल मानूसन सीजन में वन विभाग पौधगिरी अभियान चलाता आ रहा है। शिक्षण संस्थान परिसर,खाली जमीन,नहरों के साथ, सड़क मार्गो के किनारे विभाग की ओर से पौधरोपण किया जाता है।
- निर्माण के चलते कटे थे 2975 हरे पेड़
राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-152डी में जिले के 18 गांवों की जमीन अधिगृहितकी गई है। इस जमीन से 2975 हरे पेड़ काटे गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-52डी निर्माण के लिए सड़क परियोजना 230 किलोमीटर लंबी है। यह राष्ट्रीय राजमार्ग नारनौल, जींद, महेंद्रगढ़, भिवानी, रोहतक, भिवानी व चरखी दादरी सहित आठ जिलों की जिले की सीमा से गुजरेगा। वायु प्रदूषण की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस सड़क परियोजना का नाम ग्रीन कॉरिडोर का नाम दिया हैै। इस 4/6 लेन सड़क मार्ग के दोनो ओर पौध लगाई जाएंगीं।
- एनएच के लिए 1826.05 हेक्टेयर क्षेत्र जमीन अधिग्रहित
परियोजना विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई प्लान के अनुसार एनएच के लिए कुल 1826.05 हेक्टेयर क्षेत्र जमीन अधिग्रहित की गई है जिसमें चरखी दादरी जिले की 303 हेक्टेयर क्षेत्र जमीन भी शामिल है। जिले के 18 गांवों की जमीन इस परियोजना में शामिल की गई है। जिले के उत्तरी छोर से दक्षिणी दिशा में यह मार्ग बनना है। इस परियोजना में 1696.05 हैक्टेयर जमीन प्राइवेट और 64.42 हेक्टेयर जमीन सरकारी शामिल है।
= जलवायु के आधार पर पौध की प्रजाति का होगा चयन
इस सड़कमार्ग के दोनों ओर एक लाख 36 हजार 200 पौधे लगाए जाएंगे। इन पौधों का चयन जलवायु,मिट्टी की गुणवत्ता व पानी की उपलब्धता के आधार किया जाना है। जिस एरिया में जो पेड़ सही प्रकार से अपनी वृद्धि एवं विकास कर पाता है उसी के अनुरूप उसी प्रजाति के पौधे लगाए जाए जाने की योजना है।
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वर्जन::
दादरी जिला की सीमा में स्थानीय वन विभाग का डिविजन पौधरोपण करेगा। जैसे ही सरकार की गाइडलाइन मिलेगी, इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। विभाग इस बार नर्सरियों में करीब चार लाख पौध तैयार कर रहा है जो जून अंतिम सप्ताह तक तैयार हो जाएंगी।
दलीप सिंह, जिला वन अधिकारी, चरखी दादरी
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