ग्राम पंचायत अब अपने अधीन सभी प्रकार के फंड से 50 प्रतिशत तक राशि विकास कार्यों पर खर्च कर सकेंगी। इतना ही नहीं फंड व एफडी से मिलने वाली ब्याज राशि भी खर्च करने की शक्ति पंचायत के पास रहेगी। पंचायत के पास एचआरडीएफ, पीआरआई, सीएम फंड, पंचायत फंड, एचएफसी आदि फंड होते हैं। इस संबंध में मुख्यालय की ओर से सर्कुलर जारी कर दिया गया है। इस फैसले से चरखी दादरी जिले में 165 ग्राम पंचायतों को फायदा पहुंचेगा।
जिले की अरावली पहाड़ियों से करीब 20 से ज्यादा ग्राम पंचायतों को सालाना करोड़ों रुपये की आय होती है। पंचायतों को कर यानी राॅयल्टी के रूप में खनन क्षेत्र से आय हो रही है। ये पंचायत इस राशि का बहुत कम इस्तेमाल कर रही हैं। इन पंचायतों के पास करोड़ों की एफडी भी हैं। इसके अलावा अन्य पंचायतों के पास कई सरकारी विकास योजनाओं की राशि सीधे खाते में पहुंचती है। पीआरआई ग्रांट केंद्र व राज्य सरकारों की ओर से जारी की जाती है। यह ग्रांट गांव की आबादी के हिसाब से मिलती है। इसी प्रकार ग्रामीण रूरल विकास फंड से भी पंचायतों को बजट मिलता है।
- एफडी का भी 50 प्रतिशत खर्च कर सकेंगी पंचायतें
पंचायत एफडी का 50 प्रतिशत बजट खर्च कर सकेंगी। ब्याज राशि खर्च करने की शक्ति भी पंचायतों को दे दी गई है। पंचायत को एफडी तुड़वाने की शक्ति भी दे दी गई है। इस समय गांवों में विकास कार्यों के लिए विभाग ने प्रपोजल भेज रखे हैं। ऐसे में इन्हें धरातल पर सिरे चढ़ाने के लिए बजट का इंतजार है। तालाबों के सुंदरीकरण के लिए भी और बजट की डिमांड है। कई गांवों में बड़े प्रोजेक्ट बजट के इंतजार में हैं।
- ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की दरकार, अब बढ़ेगी रफ्तार
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य सुस्त पड़े हैं। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अब मुख्यालय से नया सर्कुलर जारी होने से ग्राम पंचायत की शक्ति बढ़ गई है। अब फंड खर्च करने का अधिकार मिलने से विकास कार्याें के रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। - पंचात चुनाव के बाद से नहीं मिला मोटा बजट
दिसंबर 2022 में पंचायतों के चुनाव हुए थे उसके बाद पंचायतों को मोटा बजट नहीं मिला है। पीआरआई ग्रांट जरूर आई है। कई गांवों में अभी भी गलियां कच्ची हैं। फिरनी स्कूल व श्मशान घाट के रास्ते कच्चे हैं। कई गांवों में श्मशान घाट में टीन शेड तक नहीं लगे हैं।
ग्राम पंचायतों को अब सभी प्रकार के फंड से 50 प्रतिशत राशि विकास कार्यों के लिए खर्च की शक्ति दे दी गई है। पंचायतें ब्याज की राशि भी खर्च कर सकेंगी। एफडी भी तुड़वा सकती हैं ताकि विकास कार्यों को गति मिलती रहे।
अजीत सिंह, कनिष्ठ अभियंता, पंचायत विभाग