अनाज मंडी के शौचालय में पसरी गंदगी।
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चरखी दादरी। खरीद सीजन शुरू होने के बाद भी मार्केट कमेटी के अधिकारियों का ध्यान नई अनाज मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं की ओर नहीं गया है। इसका खामियाजा मंडी में काम करने वाले श्रमिक और फसल लेकर पहुंच रहे किसानों के साथ आढ़ती भी भुगत रहे हैं। संवाददाता ने मंडी परिसर में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तो शौचालय बदहाल मिले, जबकि मंडी पहुंचने वाले किसानों के बैठने के प्रबंध भी नहीं मिले। शौचालय की अव्यवस्थाओं का आलम तो यह है कि यहां न केवल गंदगी पसरी है, बल्कि कुत्ते तक आराम फरमा रहे हैं और लोग इन्हें प्रयोग करने से कतरा रहे हैं। वहीं, किसानों की संख्या के लिहाज से भी शौचालयों की संख्या पर्याप्त नहीं हैं। पढ़िए अनाज मंडी की व्यवस्थाओं पर संवाददाता की पड़ताल रिपोर्ट....
पानी भी नहीं, खुले में शोच मुक्त अभियान को लग रहा पलीता
नई अनाज मंडी के परिसर में किसानों के लिए सिर्फ एक शौचालय का निर्माण किया गया है और उसका रख-रखाव भी ठीक से नहीं हो रहा। मंडी परिसर में मौजूद श्रमिकों व आढ़तियों ने बताया कि शौचालय में ज्यादातर समय पानी की समस्या रहती है और इसके चलते उन्हें खुले में शौच जाना पड़ता है। ऐसे में यह लापरवाही सरकार के खुले में शोच मुक्त मुहिम को भी पलीता लगा रही है।
किसान बोले : गंदगी का है आलम, कागजों तक सीमित व्यवस्थाएं
- सीजन में काफी संख्या में किसान अपनी फसल बेचने मंडी पहुंचेंगे, लेकिन यहां बना शौचालय बदहाल है। इस हाल में शौचालय का प्रयोग नहीं किया जा सकता।
- रोहित, किसान।
- अनाज मंडी में किसानों के लिए एक ही शौचालय है और वो भी प्रयोग करने की स्थिति में नहीं है। शौचालय में अव्यवस्थाएं हैं जिसके चलते इसका प्रयोग नहीं कर पा रहे।
- गोविंद, श्रमिक।
- शौचालय में न सफाई है और न ही पानी। शौचालय में करीब दस मिनट पहले मैं गया था और वहां कुत्ता सोता मिला। किसानों के लिए व्यवस्थाएं कागजों तक ही सीमित है।
- नवीन, किसान।
- शौचालय की संख्या बढ़ाने के साथ अधिकारियों को रख-रखाव की ओर ध्यान देना चाहिए। शौचालय की जो मौजूदा स्थिति है, उसके अनुसार कोई भी इसे प्रयोग करने से कतराएगा।
- रमानंद, किसान।