फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: आयुष्मान योजना की आड़ में फर्जीवाड़ा कर भरी जेब

Sun, 16 Jun 2024 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
चरखी दादरी के जयहिंद अस्पताल को सील करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।
विज्ञापन
हनी सोनी
विज्ञापन

चरखी दादरी। आयुष्मान योजना में सेंधमारी कर अपनी जेब भरना तीन निजी अस्पताल संचालकों को भारी पड़ गया। इनकी कारगुजारी पर संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई की गई। विभाग ने एक अस्पताल को आयुष्मान के पैनल से हटाया है तो दूसरे पर 6 माह का प्रतिबंध लगाया है। तीसरे अस्पताल पर 99 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है और भविष्य में गलत क्लेम करने पर पैनल से हटाने की चेतावनी दी गई है।
गरीब तबके के लोगों के लिए शुरू की गई आयुष्मान योजना में सेंधमारी का मामला आयुष्मान शाखा के सामने आया था। करीब दो सप्ताह पहले आयुष्मान पैनल में शामिल चार अस्पतालों को नोटिस देकर 41 मरीजों को दिए गए उपचार की जानकारी मांगी गई थी। इनमें से दो निजी अस्पताल संचालक संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे जबकि तीसरे ने नोटिस का जवाब ही नहीं दिया।
विज्ञापन

आयुष्मान नोडल अधिकारी डॉ. अंकुर नागर ने बताया कि जयहिंद अस्पताल को 21 मामलों के चलते नोटिस जारी किए गए। इनके अलावा एक अन्य शिकायत भी आई। इसके चलते अस्पताल को आयुष्मान के पैनल से बाहर किया गया है। कृष्णा आई अस्पताल पर नोटिस का जवाब नहीं देने पर 6 माह का प्रतिबंध लगाया गया है। प्रधान अस्पताल प्रबंधक भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए और इसके चलते 99 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। वहीं यादव अस्पताल को लेकर जांच जारी है।

पैनल में 37 अस्पताल शामिल, अब तक आठ को दिए गए नोटिस
आयुष्मान योजना के पैनल में पहले जिले के 22 निजी और 15 सरकारी स्वास्थ्य केंद्र थे। एक अस्पताल को पैनल से बाहर करने व दूसरे पर 6 माह का प्रतिबंध लगाने के बाद पैनल में फिलहाल 20 निजी और 15 सरकारी अस्पताल बच गए हैं। पांच अस्पताल संचालकों की जांच अभी जारी है।



- किसी अस्पताल में चार तो किसी में फर्जीवाड़े के 21 मामले

गत दिनों चार अस्पतालों को 41 मरीजों के उपचार में फर्जीवाड़ा करने पर नोटिस दिए गए थे। एक अस्पताल पर 11 मरीजों के उपचार में फर्जीवाड़े का आरोप है। वहीं, दूसरे अस्पताल में 5, तीसरे में 21 और चौथे में चार मरीजों के उपचार की एवज में फर्जीवाड़ा करने का आरोप था।





यूं पकड़ में आई चालाकी

- कुछ अस्पताल संचालकों ने मरीज को गंभीर हालत के चलते आईसीयू में भर्ती दिखाकर फोटो अपलोड की है। इसमें न तो मरीज आईसीयू की ड्रेस पहने हुए है और न ही ऑक्सीजन मास्क मरीज के मुंह पर है।

- कुछ अस्पताल संचालकों ने क्लेम के लिए जो उपचार दिखाया है वह मरीज के दस्तावेजों से मिल ही नहीं रहा है। ऐसे में स्पष्ट है कि जो उपचार मरीज को दिया दिखाया गया है, वो सही नहीं है।

- कुछ अस्पताल संचालक ने तो कम समय अवधि के अंदर एक मरीज को बार-बार कुछ-कुछ समय के लिए दाखिल दिखाया है। मरीज को भर्ती करने का कारण बार-बार एक ही बीमारी दिखाई गई है।

- आयुष्मान योजना के कुछ पैकेज सरकार ने केवल सरकारी अस्पतालों के लिए तय कर रखे हैं। कुछ निजी अस्पताल संचालकों ने मरीज के उपचार के नाम पर इस पैकेज के अनुसार राशि क्लेम का आवेदन किया है।
- आईसीयू में मशीन और ऑक्सीजन सिलिंडर न होने के बावजूद मरीज को भर्ती दिखाकर सरकार से आयुष्मान योजना के तहत क्लेम किया गया, जबकि दस्तावेजों में कहीं इस चीज का जिक्र नहीं है।
विज्ञापन





मुख्यालय की ओर से चार अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से तीन संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके चलते जयहिंद अस्पताल को डी-पैनल किया गया है, जबकि कृष्णा आई अस्पताल पर 6 माह के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। प्रधान अस्पताल पर जुर्माना लगाया गया है। भविष्य में अगर कोई अस्पताल आयुष्मान योजना के नाम पर गलत काम करेगा तो उसे डी-पैनल कर दिया जाएगा। - डॉ. अंकुर, डिप्टी सीएमओ एवं नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें