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फर्जीवाड़ा : बिना टेंडर प्रक्रिया के खरीदे गए 3.50 करोड़ के बायो टॉयलेट

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बॉयो टॉयलेट । - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली भी कमाल है। भले ही सरकार ने ई टेंडर प्रक्रिया अनिवार्य कर दी हो, बावजूद इसके लिए सब नियम ताक पर है। ऐसा ही मामला सामने आया है स्वच्छ भारत मिशन अभियान के तहत खरीदे बायो टॉयलेट की खरीद में। 3.50 करोड़ के खरीदे इन बायो टॉयलेट में टेंडर प्रक्रिया तक का पालन नहीं किया गया। अब मामला उठा तो जांच मुख्यमंत्री उड़नदस्ते को सौंपी गई है। प्राथमिक जांच में ही सामने आया कि 70 स्कूल ऐसे मिले है, जहां धरातल पर तो बॉयो टॉयलेट लगे है मगर वे कार्य ही नहीं कर रहे यानी वर्किंग में नहीं है। प्राथमिक जांच में बडे़ घोटाले की ओर इशारा है और जांच में कुछ बडे़ नाम भी सामने आ सकते है। फिलहाल मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम जांच में जुटी है।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में करीब चार हजार से ज्यादा शौचालयों का निर्माण किया गया था। इसी प्रकार स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत जिला प्रशासन की ओर से बॉयो टॉयलेट स्थापित करने का कार्य किया गया था। प्रोजेक्ट की राशि ज्यादा होने की वजह से यह कार्य टेंडर के जरिये पूरा किया जाना था, लेकिन इसे बिना टेंडर के ही पूरा कर दिया गया। 2020 में विभिन्न सरकारी स्कूलों व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर करीब 175 बॉयो टॉयलेट खरीद कर लगा दिए गए। मामले सामने आने पर सरकार ने इस प्रोजेक्ट की जांच करवाने के निर्देश दिए ताकि फर्जीवाड़ा की सच्चाई सामने आ सके। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि अब तक टीम ने करीब 70 से अधिक सरकारी स्कूल व सार्वजनिक स्थानों पर जाकर इन बॉयो टॉयलेट की जांच कर ली है। टीम को ज्यादातर जगहों पर बायो टॉयलेट वर्किंग में नहीं मिले हैं। जल्द ही इसकी जांच पूरी की जाएगी। एक टॉयलेट की कीमत करीब 1.95 लाख रुपये बताई जा रही है। इस प्रकार प्रोजेक्ट का कुल बजट करीब साढ़े तीन करोड़ बनता है। संवाद
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते पत्र लिखकर मांगा जांच में सहयोग
पिछले दिनों रोहतक से मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की ओर से दादरी एडीसी कार्यालय को पत्र लिखकर इसकी जांच में सहयोग करने को कहा गया था। अब इसकी जांच का कार्य तेजी से चल रहा है। जांच टीम में बीएंडआर के जेई व एसडीओ, एडीसी कार्यालय के कुछ कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है ताकि टीम को जांच में सहयोग मिल सके।
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इन बिंदुओं पर जांच कर रही टीम
अब टीम द्वारा मौके पर जाकर टॉयलेट की सीट, चादर व वर्किंग स्थिति की जांच की जा रही है। टॉयलेट की कीमत के अनुरूप गुणवत्ता पर भी फोकस किया जा रहा है। इन तमाम बिंदुओं का टीम द्वारा बारीकी से आकलन किया जा रहा है।
टॉयलेट खरीद प्रकरण की जांच मुख्यमंत्री उड़नदस्ता कर रहा है। जांच करवाने के निर्देश सरकार की ओर से दिए गए हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकेगा।
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कुशल कटारिया, चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, जिला परिषद, स्वच्छ भारत मिशन
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