चरखी दादरी। अनियमितताएं मिलने पर सील किए गए जयहिंद अस्पताल प्रबंधन समिति की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। विभिन्न खामियों पर केस दर्ज करवाने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल प्रबंधन पर पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराएं भी एफआईआर में जोड़ने की सिफारिश पुलिस से की है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से दी गई शिकायत में अस्पताल प्रबंधन समिति किशोरियों के अल्ट्रासाउंड करने का जिक्र है। इस शिकायतों के तथ्यों की जांच प्रक्रिया पुलिस ने शुरू कर दी है। डीएसपी हेडक्वार्टर विनोद शंकर ने स्वास्थ्य विभाग के इस संबंध में सिफारिश करने की पुष्टि की है।
बता दें कि एक शिकायत पर संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 14 जून को जयहिंद अस्पताल में दबिश दी थी। टीम यहां करीब छह घंटे तक डेरा डाले रही और देर रात अस्पताल को सील करने के बाद ही लौटी थी। बुधवार को ही पुलिस के पास स्वास्थ्य विभाग की एक और शिकायत पहुंची है। इसमें बताया गया है कि अस्पताल में नाबालिग लड़कियों के अल्ट्रासाउंड किए गए और इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग या पुलिस को नहीं दी गई। इसे विभाग ने गंभीर चूक माना है।
एक या दो नहीं 10 से अधिक केस
पॉक्सो एक्ट लगाने की सिफारिश करने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक डिप्टी सीएमओ ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन के नाबालिग के अल्ट्रासाउंड करने के एक-दो नहीं बल्कि 10 से ज्यादा मामले होने का अनुमान है। हालांकि ऐसे अल्ट्रासाउंड केस कितने हैं इसकी वास्तविक स्थिति पुलिस जांच के बाद पता चलेगी।
इस संबंध में पहले विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। अब जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक और शिकायत दी गई है। शिकायत की जांच की जा रही है और जो तथ्य सामने आएंगे उसी आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - विनोद शंकर, डीएसपी हेडक्वार्टर, चरखी दादरी।