31 को किसान दिखाएंगे ताकत
पीएम का पुतला फूंक डीसी को देंगे राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
एसकेएम के निर्देशानुसार फौगाट खाप की रहनुमाई में शुक्रवार को हुई महापंचायत, ढाई घंटे चली महापंचायत में बनाई प्रदर्शन की रणनीति
खापों को दी गांव स्तर पर कमेटियों की अगले दो दिन बैठक करने की जिम्मेदारी, ज्यादा से ज्यादा भीड़ जुटाने पर फोकस
चरखी दादरी। कृषि कानूनों को लेकर शुरुआत से ही सहयोगी रहीं जिले की खापे दोबारा से एकजुट हो गई हैं। शुक्रवार को एसकेएम (संयुक्त किसान मोर्चा) के निर्देशानुसार बाबा स्वामी दयाल धाम पर फौगाट खाप-19 की रहनुमाई में सभी खापें एकत्र हुईं और 31 जनवरी को जिला मुख्यालय और बाढड़ा उपमंडल में किए जाने वाले प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की। महापंचायत में कर्मचारी संगठन और व्यापार मंडल के पदाधिकारी भी भाग लेने पहुंचे और उन्होंने इसमें हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। ढाई घंटे चली महापंचायत में दस से अधिक मुद्दों पर चर्चा की गई।
सुबह साढ़े 11 बजे महापंचायत शुरू हुई। शुरुआत में फौगाट खाप प्रधान बलवंत नंबरदार ने महापंचायत के एजेंडे की जानकारी दी और इसके बाद वहां मौजूद सांगवान खाप-40, श्योराण खाप-25, सतगामा, चिड़िया पांच समेत महापंचायत में मौजूद तमाम संगठनों से 31 जनवरी के प्रदर्शन को सफल बनाने के सुझाव मांगे। वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि 31 जनवरी के प्रदर्शन में भीड़ उमड़ना बेहद जरूरी है। ऐसे में प्रत्येक खाप और संगठन अपने स्तर पर अगले दो दिन पूरी ताकत झोंक दे।
सांगवान खाप-40 के सचिव नरसिंह सांगवान ने कहा कि खाप हरसंभव सहयोग करेगी और इसके लिए पदाधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, खाप के पूर्व प्रवक्ता राजेंद्र सिंह डोहकी ने कहा कि आंदोलन की एकजुटता से किसानों का विश्व स्तर पर कद बढ़ा है और इसी एकजुटता को बरकरार रखते हुए 31 जनवरी के प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की जरूरत है।
अन्नदाता किसान यूनियन से रामकुमार कादयान ने कहा कि प्रदर्शन में इतनी संख्या में उमड़ना है कि रोज गार्डन से डीसी ऑफिस तक लोगों की कतार लगी रहे। दो-दो की लाइन में अनुशासन का परिचय देते हुए अपनी मौजूदगी का प्रशासन और सरकार को अहसास अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि दादरी में किसानों की और बहुत सी समस्याएं हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार टोल के जरिये प्रति बस 1750 रुपये हजम कर रही है। पूर्व सरपंच जोरवार चरखी ने कहा कि सरकार की नजर दिल्ली की सीमाओं से सटी हरियाणा की बेशकीमती जमीन पर है और सरकार किसानों को भूमिहीन कर आंदोलन को तोड़ने का षड्यंत्र रच रही है।
श्योराण खाप-25 प्रधान बिजेंद्र बेरला ने कहा कि 31 जनवरी को खाप और विभिन्न संगठन बाढड़ा में प्रदर्शन कर एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। रोडवेज यूनियन से राजेश रावलधी ने, बर्खास्त पीटीआई संघ से सज्जन कुमार ने, सीटू से कमलेश भैरवी ने 31 जनवरी के प्रदर्शन में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। राजू मान ने कहा कि प्रदर्शन में हरवर्ग हिस्सा लेकर सरकार को लोकतंत्र की शक्ति का अहसास जरूर करवाए। दोपहर करीब दो बजे महापंचायत का समापन कियाल्जन।
- रिटायरमेंट के बाद सरकार पर खुलकर बरसे कुंडू
हाल ही में सेवानिवृत्त हुए रोडवेज जीएम धनराज कुंडू महांपचायत में सरकार पर खूब बरसे। उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रधानमंत्री को अब चलता करने की जरूरत है। ऐसा नहीं हुआ तो ये देश का विनाश कर देंगे। भाजपा सरकारी विभागों की बागड़ोर निजी हाथों में सौंपने के मंसूबे पर काम कर कर्मचारियों को शोषित कर रही है।
- इन खापों और संगठनों के पदाधिकारी रहे मौजूद
सांगवान, सतागामा, चिड़िया पांच, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल, काठमंडी एसोसिएशन, भारतीय किसान सभा, किसान जनहित समिति, अन्नदाता किसान यूनियन, सर्व कर्मचारी संघ समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
- इन मुद्दों पर हुई चर्चा
- 31 को प्रदर्शन में ज्यादा से ज्यादा संख्या में किसानों की भागीदारी सुनिश्चित हो।
- दादरी आरटीओ की ओर से ट्रैक्टर ट्रॉली के चालान की कार्रवाई को रुकवाया जाए।
- किसान लावारिस पशुओं की समस्या से त्रस्त हैं और इनका प्रशासन समाधान करवाए।
- एक मीडिया कर्मी के साथ अधिकारी द्वारा किए गए दुर्व्यवहार की निंदा करना।
- ये रहेगी 31 के प्रदर्शन की रणनीति
सुबह दस बजे किसान रोज गार्डन में एकत्र होंगे। इसके बाद पैदल प्रदर्शन करते हुए परशुराम चौक पहुंचेंगे और वहां प्रधानमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला फूंकेंगे। यहां से डीसी ऑफिस पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। वक्ताओं ने प्रदर्शन में ट्रैक्टर और अन्य वाहन शामिल करने का भी सुझाव दिया है।