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हर माह साइबर क्राइम की 30 शिकायतें पहुंच रहीं पुलिस के पास

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चरखी दादरी साइबर थाना भवन। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। जिले में साइबर क्राइम की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इन्हें देखते हुए पुलिस ने हाल ही जिला में साइबर थाना भी खोला है। इससे पहले इस प्रकार की शिकायतों के लिए प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क की व्यवस्था थी, जो अब भी बरकरार है। पिछले छह माह की शिकायतों पर अगर गौर करें तो पुलिस के पास 183 शिकायतें आई हैं। इस लिहाज से प्रत्येक माह पुलिस के पास साइबर क्राइम संबंधी 30 शिकायतें पहुंची।
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साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपनाकर साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं। जिले में ऐसे कई मामले पहले सामने आ चुके हैं, जिनमें साइबर अपराधी ने बैंक अधिकारी या फिर किसी क्रेडिट कार्ड कंपनी का कर्मचारी बनकर बैंक उपभोक्ता से बात की और फिर खाता या पासवर्ड जानकार हजारों या लाखों की चपत लगा दी। कुछ मामले में तो साइर ठगी के लिए पांच से छह ट्रांजेक्शन तक की गईं।
जिला पुलिस के साइबर हेल्प डेस्क पर एक जनवरी से जून तक साइबर अपराध संबंधी 183 शिकायतें पहुंची हैं। पुलिस के अनुसार इनमें से 101 शिकायतें निस्तारित कर दी गई हैं, जबकि 78 की जांच चल रही है। दो मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
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इन बातों का रखें ख्याल
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- ओटीपी या बैंक खाते से संबंधित जानकारी शेयर न करें।
- अनजान व्यक्ति के कहने पर खाते में रुपये न डलवाएं।
- बैंक अधिकारी कभी निजी जानकारी नहीं पूछता, इसका भी ख्याल रखें।
- साइबर ठगी होने पर तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज करवाएं।
जानिए...कैसे लोगों को शिकार बना रहे साइबर अपराधी
केस:1- इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बन पटाखा फैक्टरी संचालक से ठगे 3.40 लाख
गत मई माह में रावलधी निवासी पटाखा फैक्टरी संचालक जयसिंह से साइबर ठगों ने तीन लाख 40 हजार 600 रुपये की ठगी की है। पीड़ित की शिकायत पर रोहतक साइबर थाना पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज किया है। पीड़ित जयसिंह के अनुसार ठगी करने वाले ने उनसे इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बनकर बात की और उसकी इंश्योरेंस पॉलिसी को घाटे मे बताकर छह ट्रांजेक्शन के जरिये यह रकम अलग-अलग खातों में डलवाई।
केस : 2 - बैंक अधिकारी बनकर फ्लिप कार्ट कंपनी के कर्मचारी को लगाई 1.43 लाख की चपत -
छपार निवासी एवं धारूहेड़ा फ्लिप कार्ट कंपनी में कार्यरत एक कर्मचारी से गत जनवरी माह में एक लाख 43 हजार की ठगी की गई थी। शिकायतकर्ता दीपक ने बताया था कि जनवरी में उसके पास लोन की एक रिक्वेस्ट आई थी। उसने जब आवेदन किया तो उसके व्हाट्सएप नंबर पर लोन स्वीकृत होने का एक सर्टिफिकेट भेजा गया। इसके बाद उससे फोन-पे पर एक लाख 43 हजार की ट्रांजेक्शन करवाई गई।
साइबर ठगी को रोकने के लिए पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इस प्रकार की शिकायतों के लिए हमने सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं जबकि दादरी में साइबर थाना भी खोल दिया गया है। लोगों से अपील है कि किसी अनजान नंबर से आए लिंक पर क्लिक न करें और खाता संबंधी निजी जानकारी किसी से साझा न करें।
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- दीपक गहलावत, एसपी, चरखी दादरी।
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