चरखी दादरी। जिले से गुजरने वाले नेशनल हाईवे, एमडीआर (मेजर डिस्ट्रिक रोड) और लिंक रोड के रख-रखाव के प्रति संबंधित विभाग और अधिकारी गंभीर नहीं हैं। इसकी बानगी एनएच 334-बी (दिल्ली-पिलानी), बस स्टैंड रोड, चिड़िया एमडीआर समेत विभिन्न लिंक रोड पर देखने को मिल रही है। आलम यह है कि शहरी क्षेत्र से गुजरने वाले तीन किलोमीटर लंबे एनएच पर 30 अवैध कट हैं, जबकि 32 जगह से रेलिंग टूटी हुई है। बस स्टैंड रोड की बात करें तो यहां 15 जगह से रेलिंग टूटी हुई है और इसके चलते बने कट से निकलकर लावारिस पशु के साथ बाइक चालक सड़क पार करते हैं। इनके चलते हमेशा हादसों का अंदेशा बना रहता है। संवाददाता ने जिले की विभिन्न सड़कों पर किए गए प्रबंधों और सुविधाओं की कमी की पड़ताल की तो कई जगह विभाग का उदासीन रवैया सामने आया। पेश है एक रिपोर्ट...
जानिए....किस सड़क पर क्या मिली अव्यवस्था
केस -1:
एनएच 334-बी पर 20 से 60 मीटर तक की रेलिंग का टुकड़ा गायब, टूटे पोल भी डिवाइडर पर ही-
दिल्ली-पिलानी हाईवे का करीब तीन किलोमीटर लंबा टुकड़ा दादरी शहर से होकर गुजरता है। संवाददाता को इस मार्ग पर 30 अवैध कट और 32 जगह रेलिंग टूटी हुई मिली। करीब बीस मिनट के अंदर इन अवैध कट से निकलकर 10 बाइक सवारों ने सड़क पार की। स्थानीय दुकानदार अजय, रोहताश, कुलदीप, रमेश व मनोज ने बताया कि ये तो रोज का खेल है। लंबे समय से एनएच के ये हालात हैं, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। कई दफा यहां हादसे हो चुके हैं।
केस-2: बस स्टैंड रोड पर पांच जगह टूटी रेलिंग, सीवर के ढक्कन भी लेवल से नीचे -
बस स्टैंड रोड शहर की हार्टलाइन माना जाता है। इसके सुंदरीकरण की तरफ भी विभाग का ध्यान नहीं है। इस मार्ग पर पांच जगह से डिवाइडर की रेलिंग टूटी हुई है, जिसके चलते रोड क्रॉस करने का अवैध रास्ता बना हुआ है। लंबे समय से रेलिंग टूटी हुई है, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है। दुकानदार मोहन, विनित, राजकुमार, अजय और रघुवीर ने बताया कि कई जगह तो डिवाइडर की टाइलें तक उखड़ चुकी हैं, जबकि किसी भी यू-टर्न पर हादसों को रोकने के पुख्ता प्रबंध नहीं हैं।
केस : 3 -
दादरी-चिड़िया रोड की हालत खस्ता, भारी वाहनों का आवागमन भी बढ़ा -
दादरी-चिड़िया एमडीआर की हालत भी खस्ता हो चुकी है और इसके चलते इस रूट के जरिये कनीना पहुंचने में दोगुना समय लग रहा है। कई जगह तो एक फुट तक गहरे गड्ढे बने हैं। रामनगर निवासी प्रदीप, सतनारायण, अभे सिंह और सतेंद्र ने बताया कि पिछले कुछ समय से इस मार्ग से भारी वाहनों का आवागमन काफी बढ़ा है और ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क की दशा खराब हुई है। इस सड़क का पुनर्निर्माण करवाना चाहिए। उन्होंने बताया कि यहां से प्रतिदिन पांच हजार से अधिक भारी वाहन गुजरते हैं।
30 हजार से अधिक वाहन चालक परेशान
ये तीनों व्यस्त मार्ग हैं। प्रतिदिन बस स्टैंड रोड से करीब 10 हजार वाहन गुजरते हैं। वहीं, कनीना रोड से भी प्रतिदिन करीब सात हजार छोटे और भारी वाहन गुजरते हैं। एनएच-334 बी से प्रतिदिन करीब 12 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। बस स्टैंड रोड से दुपहिया व चौपहिया वाहनों का तो महेंद्रगढ़ रोड से भारी वाहनों का आवागमन अधिक रहता है।
अधिकारियों ने तैयार की है ये योजना
पीडब्ल्यूडी एक्सईएन सोमबीर दहिया के अनुसार एनएच-334 बी के इस टुकड़े को मॉडल स्ट्रेच के रूप में तैयार करने की योजना तैयार कर फाइल सरकार के पास भेजी जा चुकी है। करीब पांच किलोमीटर लंबी यह आदर्श सड़क बनाई जाएगी। इसके लिए आरटीए की ओर से प्रपोजल भेजा गया है। वहीं, दादरी-कनीना मार्ग को चौड़ा करने और पुनर्निर्माण का प्रस्ताव भी तैयार हो चुका है, जिसे जल्द अमलीजामा पहनाया जाएगा। अन्य लिंक मार्गों का निर्माण जल्द करवा दिया जाएगा।