चरखी दादरी। 54वीं सीनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप में प्रदेश की महिला खो-खो टीम ने 54 साल बाद पदक का सूखा खत्म किया है। टीम ने प्रतियोगिता में सेमीफाइनल तक का सफर तय करते हुए कांस्य पद जीतकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। सेमीफाइनल मुकाबले में टीम का हार का सामना जरूर करना पड़ा, लेकिन कांटे के मुकाबले में टीम ने लोगों को दिल जीत लिया। जिले के खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों के हौसले का तारीफ करते हुए बधाई दी गई।
हरियाणा राज्य खो-खो संघ के महासचिव सुभाष रुहील ने बताया कि यह प्रतियोगिता 26 से 30 दिसंबर तक मध्य-प्रदेश के जबलपुर में करवाई गई। प्रतियोगिता में प्रदेश टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना आगाज किया। हरियाणा का पहला मुकाबला मणिपुर से हुआ, जिसमें हरियाणा ने मणिपुर को 15 अंक व एक पारी से हराया दिया। दूसरा मैच तेलंगाना के साथ हुआ, जिसमें टीम ने 6 अंक से जीत हासिल की। तीसरा मैच आंध्र प्रदेश के साथ खेला गया, जिसमें हरियाणा टीम ने 6 अंक से जीत प्राप्त की। क्वार्टर फाइनल में हरियाणा टीम ने कोल्हापुर टीम को 2 अंकों से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमिफाइनल मैच में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ मुकाबला हुआ, जिसमें हरियाणा टीम को दो अंकों से हार का सामना करना पड़ा और टीम का स्वर्ण पदक जीतना का सपना टूट गया और कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। टीम जरूर हार गई, लेकिन उसने कांस्य पदक के साथ 54 साल बाद पदक का सूखा खत्म कर दिया है। इस मौके पर भारतीय खो-खो संघ के सदस्य एडवोकेट बृजभान, कोच रमेश कुमार, कोच नीरज कुमार, कोच अनिल, महिला टीम कोच मोनू दलाल, हरियाणा टीम चयनकर्ता जसवंत सिंह हुड्डा स्पर्धा के दौरान मौजूद रहे और टीम का मनोबल बढ़ाया। इस अवसर पर हरियाणा ओलंपिक संघ के प्रदान महेंद्र कंबोज, डॉ. दीपेंद्र आर्य, रोहतक खो-खो संघ के प्रधान भगत सिंह, मुनेश कुमार, हिसार खो खो संघ के प्रधान रमेश चंद्र, सचिव मोनू दलाल, व जिला एमेच्योर खो-खो संघ सचिव विजेश कुमार, उप प्रधान मंदिर धनखड़, मोहित फौगाट आदि ने सभी खिलाड़ियों को बधाई दी है।
बेटियों ने की कड़ी मेहनत : फौगाट
जिला एमेच्योर खो-खो संघ के जिला प्रधान राजपाल सिंह फौगाट ने बताया कि बेटियों की इस कड़ी मेहनत और कोच के अच्छे प्रशिक्षण का फल आज पूरा हरियाणा को मिला है। उन्होंने बताया कि एक जनवरी को हरियाणा की महिला टीम का रोहतक पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया।