बौंदकलां। जिले का सबसे बड़ा गांव बौंदकलां लोकसभा चुनाव के रंग में रंग चुका है। ग्रामीण खुलकर चुनावी चर्चा कर रहे हैं और गांव की समस्याओं पर आवाज मुखर कर रहे हैं। 25,000 की आबादी वाले इस गांव में पेयजल संकट के साथ स्वास्थ्य सेवाओं व अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी ग्रामीणों को अखर रही है। लंबा समय बीतने के बाद भी समस्याओं का समाधान न होना ग्रामीणों की टीस को और बढ़ा रही है। पानी की कमी का तो हाल ये है कि लोग टैंकर डलवाकर काम चलाने को विवश हैं। भले ही यह चुनाव लोकसभा का हो लेकिन ये स्थानीय मुद्दे इस बार बौंदकलां में चुनावी मुद्दे बन गए हैं।
बौंदकलां गांव में 20 वार्ड हैं और यहां मतदाताओं की संख्या करीब 11 हजार है। इस गांव की समस्याओं की बात करें तो ग्रामीणों के जहन में सबसे बड़ा दर्द नहरी पानी की कमी और पेयजल संकट का समाधान न होने का है। इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी भी ग्रामीणों को लंबे समय से खल रही है। सुविधाओं की कमी आलम ये है कि सीएचसी में एक्स-रे तक नहीं हो पा रहे। पेयजल संकट की बात करें तो चुनावी माहौल में भी हाल सामान्य दिनों जैसा है और लोग पानी संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए घरों में टैंकर डलवाने को विवश हैं। ग्रामीण कहते हैं कि नेताओं को सिर्फ वोट से मतलब है। हमारी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे। इस चुनाव में वोट की ताकत से अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
जानिये...बौंदकलां से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े
वार्ड-20
मतदाता- 11,000
पुरुष मतदाता- 5,900
महिला मतदाता- 5,100
युवा मतदाता- 6,500
बुजुर्ग मतदाता-2,000
- जलघर की कायाकल्प के साथ भंडारण क्षमता बढ़ाने की दरकार
ग्रामीणों का कहना है कि जलघर में चार वाटर टैंक हैं, लेकिन सभी जर्जर अवस्था में हैं। पिछले एक साल से जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से इनका आकार बढ़ाने का आश्वासन दिया जा रहा है। अभी तक धरातल पर कवायद शुरू नहीं हुई है। उनका कहना है कि आबादी के साथ विभाग ने जलघर को अपग्रेड करने के साथ भंडारण क्षमता नहीं बढ़ाई। इस समस्या का समाधान किया जाना चाहिए।
रोहतक रोड पर नाला निर्माण की जरूरत
ग्रामीणों का कहना है कि दूषित पानी गांव से बाहर भेजने की व्यवस्था नहीं है। मानसून सीजन के दौरान गांव की गलियों में जलभराव हो जाता है और कई बार तो पानी घरों के अंदर तक पहुंच जाता है। उनका कहना है कि अगर रोहतक रोड पर नाला बनाकर गांव के पानी को बाहर भेजा जाए, तो काफी हद तक ग्रामीणों को राहत मिलेगी। इससे जलभराव की समस्या का समाधान होगा।
25.32 करोड़ से राजकीय कॉलेज का बनेगा नया भवन
बौंदकलां स्थित राजकीय महाविद्यालय के 27 साल पुराने भवन की जगह नया भवन बनाया जाएगा। तीन मंजिला भवन निर्माण पर 25.32 करोड़ रुपये लागत आनी प्रस्तावित है। महाविद्यालय का नया भवन बनने से विभिन्न गांवों के करीब 700 छात्र-छात्राओं को फायदा पहुंचेगा।
गांव में एक साल से दूषित जल निकासी व पेयजल की समस्या बनी है। फिलहाल आचार संहिता लागू है और अब जून में ही जनस्वास्थ्य विभाग पेयजल व्यवस्था में सुधार के लिए काम शुरू करवा सकेगा। गांव में चुनावों को लेकर भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। - अत्तर सिंह, सरपंच, बौंदकलां।