फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इमरजेंसी में इलाज का वीडियो बनाने से रोका तो चिकित्सक से की मारपीट

विज्ञापन
चिकित्सक पर हमले के मामले में घायलों के परिजनों से पूछताछ करते पुलिस कर्मचारी। साथ में है चिकित? - फोटो : CharkhiDadri
विज्ञापन
चरखी दादरी। झगड़े में घायल होकर इलाज करवाने सामान्य अस्पताल में पहुंचे युवकों ने हंगामा कर दिया। पहले घायल युवकों ने इमरजेंसी में जबरन वीडियो बनाने का प्रयास किया, जब स्टाफ विरोध किया तो अभद्र व्यवहार किया और चिकित्सक के साथ मारपीट भी की। इसके बाद स्टाफ सदस्यों नेे पुलिस को सूचित किया तो आरोपी मौके से भाग गए। पुलिस ने चिकित्सक की शिकायत पर तीन युवकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं आरोपियों के परिजनों ने स्टाफ सदस्यों पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है।
विज्ञापन

मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे पारिवारिक झगड़े में घायल बिरही कलां निवासी पिता-पुत्र को इलाज के लिए इमरजेंसी में लाया गया। इमरजेंसी में चिकित्सक डॉ. सौरभ कुमार ड्यूटी पर थे। इस दौरान घायलों के साथ आए तीन-चार युवकों ने इलाज के दौरान वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसका चिकित्सक और स्टाफ सदस्यों ने विरोध किया। इसी विरोध के दौरान चिकित्सक ने युवक का फोन छीना तो झगड़ा शुरू हो गया। आरोप है कि तीन युवकों ने न केवल चिकित्सक के साथ मारपीट की बल्कि स्टाफ सदस्यों को गालियां दीं। इसके साथ ही जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। स्टाफ सदस्यों ने उक्त युवकों के परिवार के एक सदस्य को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। इसके माध्यम से आरोपियों के नामों का पता लगा। तीनों आरोपी युवक बिरही गांव से है।
वीडियो बनाने लगे और गाली गलौच की
चिकित्सक डॉ. सौरभ कुमार ने बताया कि इमरजेंसी में घायल के साथ आए युवक इलाज की वीडियोग्राफी कर रहे थे और फोटो खींच रहे थे। जब उन्होंने युवकों को रोका तो गाली गलौज करने लगे और मेरे साथ मारपीट की। साथ ही जाते जाते बाहर निकलने पर देख लेने की धमकी देकर गए है। जिस पर इसकी शिकायत पुलिस को दी है।
विज्ञापन

गलत है आरोप
हमलावर पक्ष से कृष्ण कुमार ने बताया कि झगड़े के विवाद में घायल को लेकर आए थे। मैं बाहर खड़ा था और परिवार के ही चार युवक अंदर थे। वे वीडियो बना रहे थे, तो चिकित्सक ने फोन छीन लिया और अपशब्द कहे। फिर पुलिस को फोन कर दिया। जिस पर युवक डर गए और भाग गए। कोई मारपीट नहीं हुई।
पहले भी हुए हमले, फिर भी नहीं कोई व्यवस्था
इमरजेंसी में चिकित्सक पर हमले का यह नया मामला नहीं है। इससे पहले भी स्टाफ सदस्यों पर हमले हुए हैं। बावजूद इसके यहां सुरक्षा की दृष्टि से कोई विशेष कदम नहीं उठाये गए हैं। जिससे स्टाफ में रोष है। इमरजेंसी ही नहीं वार्ड, ओपीडी में भी स्टाफ से झगड़े आम बात है। स्टाफ सदस्यों ने अस्पताल परिसर में सुरक्षा बढ़ाए जाने की मांग की है।
वर्जन:::
सुबह करीब साढ़े सात बजे इमरजेंसी में ड्यूटी कर रहे डॉ. सौरभ कुमार के साथ कुछ युवकों ने झगड़ा किया, मारपीट की। यह बहुत गलत है और पुलिस को शिकायत दी है। हम पुलिस से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन

डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग
वर्जन:::
तीन युवकों मोनू, नवीन, सुधीर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। जांच की जा रही है। - एएसआई अजीत सिंह, इंचार्ज बस स्टैंड पुलिस चौकी
फोटो 01
चिकित्सक पर हमले के मामले में घायलों के परिजनों से पूछताछ करते पुलिस कर्मचारी। साथ में है चिकित्सक व अन्य स्टाफ सदस्य। संवाद
फोटो 02
चिकित्सक डॉ. सौरभ से झगड़े की जानकारी लेते बस स्टैंड चौकी इंचार्ज एएसआई अजीत सिंह। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें