वर्क परमिट के साथ विदेश भेजने का झांसा देकर रानीला निवासी दो चचेरे भाइयों के साथ साढ़े दस लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष के एसपी कार्यालय में शिकायत देने के छह दिन बाद बौंदकलां थाना पुलिस ने इस संबंध में धारा 406, 420, 467, 468 व 471 के तहत केस दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता ने गांव निवासी एक व्यक्ति समेत पंजाब के होशियरपुर गण सदरपुर नागरा निवासी एक दंपति पर जालसाजी से रुपये हड़पने का आरोप लगाया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार व्हाट्सएप पर ऑफर लेटर और टिकट भेजने के बाद आरोपी संजय ने उन्हें बताया कि न्यूजीलैंड में लॉकडाउन लग गया है और अब उन्हें यूके भेजेगा। इसके बदले उनके दस की बजाय बारह-बारह लाख रुपये लगेंगे। वहां उन्हें काम के बदले हर माह डेढ़ लाख रुपये मिलेंगे।
शिकायतकर्ता के अनुसार संजय ने उन्हें यूके जाने के लिए चंडीगढ़ जाकर कार्रवाई पूरी करने की बात कही। इस पर वो चंडीगढ़ चले गए और वहां उन्हें चरणजीत से मिलवाया। चरणजीत ने उन्हें उस दिन वापस भेज दिया और इसके बाद 5 जुलाई 2021 को उन्हें दोबारा बुलाया। वहां उनके फिंगर प्रिंट लिए गए और उन्हें यूके को जो वीजा दिया गया वो फर्जी मिला। इसका पता चलने से पहले वो आरोपी चरणजीत की पत्नी निर्मल समेत चरणजीत के खाते में 25 हजार और 20-20 हजार की ट्रांजेक्शन भी की।
इन ट्रांजेक्शन के बाद आरोपियों ने दो-दो लाख रुपये देने के दस दिन बाद ही उन्हें यूके भेजने की बात कही। रमित और नरेश के मना करने पर आरोपी चरणजीत दोबारा रानीला आया और उन्हें विश्वास दिलाने के लिए चार लाख रुपये का चैक भी दिया। इसके बाद उन्होंने दो-दो लाख रुपये उनके खाते में डाल दिए और संजय ने चैक उन्हें न देकर अपने पास रख लिया।
रमित और नरेश ने बताया कि कई दिन गुजरने के बाद जब उन्हें विदेश भेजने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी तो उन्होंने संजय से बात की, लेकिन उसने कहा कि वो देश छोड़कर जा चुका है। इसके कुछ दिन बाद संजय ने उनके पास मैसेज भेजा और उन्हें दिल्ली के एक होटल में बुलाया। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि षड्यंत्र के तहत लोगों से रुपये हड़पे जा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने घर पहुंचकर पहले परिजनों और फिर पुलिस को सूचित किया।
इस संबंध में एसपी कार्यालय से एक शिकायत प्राप्त हुई थी जिसके आधार पर रानीला निवासी संजय, पंजाब निवासी चरणजीत और उसकी पत्नी निर्मल के खिलाफ धारा 406, 420, 467, 468 व 471 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। - पवन कुमार, पुलिस प्रवक्ता