चरखी दादरी। एमआरआई और सिटी स्कैन जैसी मूलभूत स्वास्थ्य सेवाएं भी जिले में नहीं हैं। वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मरीजों को भिवानी भेजा जा रहा है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर छह कैटेगरी को इन सुविधाओं का लाभ निशुल्क मिलता है, जबकि अन्य लोगों के लिए रेट निर्धारित हैं। ये रेट प्राइवेट केंद्रों के रेट के मुकाबले आधे ही हैं। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर आधे रेट में एमआरआई और सिटी स्कैन करवाने के लिए जिले के मरीजों को भिवानी आने-जाने में 60 किलोमीटर की भागदौड़ करनी पड़ रही है। फिलहाल प्रतिमाह 200 मरीज रेफर किए जा रहे हैं जबकि दूसरी ओर ये सेवाएं सिविल अस्पताल में शुरू करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अब तक प्रस्ताव तैयार नहीं किया है।
सिविल अस्पताल की दैनिक ओपीडी 500 से पार है। यहां से एमआरआई और सिटी स्कैन के लिए मरीजों को पर्ची देकर भिवानी भेजा जा रहे है। इसके चलते मरीजों को दूसरे जिलों की भागदौड़ करनी पड़ रही है। सिविल अस्पताल में की इन सेवाओं के लिए की गईं वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संवाददाता ने पड़ताल की तो तो सामने आया कि जनवरी 2018 से यह सिलसिला जारी है। शुरुआती दो साल तक मरीजों की संख्या प्रतिमाह 150 से नीचे रही, लेकिन अब यह संख्या 200 से ऊपर पहुंच चुकी है। वहां वो सरकार द्वारा तय रेट पर अपना सिटी स्कैन और एमआरआई करवा रहे हैं। अगले दिन उन्हें रिपोर्ट मिलती है। वहीं, कुछ मरीज तो भिवानी जाने के झंझट से बचने के लिए सरकारी के मुकाबले दोगुने रेट पर निजी केंद्रों पर जाकर ये दोनों टेस्ट करवा रहे हैं। पिछले 32 माह में 3720 मरीजों को दादरी से भिवानी रेफर किया गया है। इनमें से एक हजार से अधिक मरीज ऐसे हैं जो निशुल्क वाली छह कैटेगरी में शामिल हैं।
-जानिए....कैसे रेफर किए जा चुके हैं 3700 से अधिक मरीज
जनवरी 2018 में दादरी से मरीजों को भिवानी रेफर करने की शुरुआत की गई थी। इसके लिए अस्पताल के पुराने भवन में एक कक्ष बनाया गया है। शुरुआती साल में तो प्रतिमाह 50 ही मरीज रेफर किए गए, जबकि दूसरे साल इनकी संख्या 125 पहुंच गई। पिछले आठ माह से प्रतिमाह 200 से अधिक मरीज भिवानी रेफर किए जा रहे हैं। इस लिहाज से यह आंकड़ा 3720 बनता है और इसकी पुष्टि कक्ष प्रभारी तरुण कुमार ने की है।
इन कैटेगरी को एमआरआई और सिटी स्कैन की मिलती है निशुल्क सुविधा
सरकार की ओर से छह कैटेगरी के लिए एमआरआई और सिटी स्कैन की निशुल्क सुविधा का प्रावधान किया गया है जबकि बाकी कैटेगरी के रेट डीजी ऑफिस से तय किए गए हैं। प्राइवेट के मुकाबले ये रेट आधे ही हैं। सरकारी कर्मचारी, बीपीएल कार्डधारक, एससी वर्ग, दिव्यांग, इकोनॉमिकल विकर सेक्शन व हादसा ग्रस्त मामले में ये दोनों सेवाएं निशुल्क हैं।
यूं हैं सरकारी और निजी केंद्रों के रेट में अंतर
एमआरआई::
अंग सरकारी फीस निजी केंद्रों की फीस
कमर 2390 4500 से 6000
घुटने 2390 4600 से 5800
कंधे 2390 4600 से 6000
सिटी स्कैन
अंग सरकारी फीस निजी केंद्रों की फीस
पेट 2870 6000
सिटी हेड 910 1800 से 2500
पसली 1810 4400 से 5500
स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा करने के लिए विभाग प्रयासरत हैं। जल्द ही दादरी सिविल अस्पताल में कुछ और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मरीजों को मिलने लगेगा, इस पर काम किया जा रहा है। फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर मरीजों को भिवानी रेफर किया जा रहा है। सरकार से संसाधन और बजट मिलने के बाद ही दादरी सिविल अस्पताल में हम ये सेवा शुरू कर पाएंगे। जल्द ही इसका प्रस्ताव तैयार करवाकर मुख्यालय भेजा जाएगा।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ।