संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। रोडवेज डिपो से 50 बसें प्रधानमंत्री की रैली में गुरुग्राम भेजने से यात्रियों को खासी परेशानी हुई। यात्रियों को बूथों पर खड़े होकर करीब चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान बसों में भीड़ रही। विभागीय अधिकारियों की वैकल्पिक व्यवस्था दूसरे दिन भी नाकाफी साबित हुई। कुछ रूटों पर तो बस ही नहीं चल पाई और इसके चलते यात्री इधर-उधर भटकने को विवश रहे।
सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी का गुरुग्राम में कार्यक्रम था। इसे देखते हुए डिपो की ओर से 50 बसें गुरुग्राम भेजी गई। डिपो में आधी संख्या में बसें रहने पर सभी रुटों पर अव्यवस्था बन गई। सुबह जब बस स्टैंड पर यात्रियों का आवागमन शुरू हुआ तो उन्हें बसों के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ा। दादरी से कनीना, झज्जर, रोहतक, लोहारू व बाढड़ा रूटों पर बसों की कमी बनी रही। डिपो से बसों का टाइमटेबल भी चरमरा गया। कनीना रूट पर यात्रियों को चार घंटों तक बस का इंतजार करना पड़ा। जिस रूट पर बस आम दिनों में चार से पांच फेरे लगाती थी, वहां मुश्किल से एक या दो फेरे लगा पाई। इससे यात्रियों को खासी परेशानी हुई। बसों की कमी के चलते बस स्टैंड के बूथों पर सुबह से शाम तक अव्यवस्था बनी रही। लंबे रूटों की बसें तो डिपो से सुबह ही रवाना हो गई थी, लेकिन लोकल रूट बेहद प्रभावित हुए।
50 बसें गुरुग्राम भेजी गईं और बाकी बसों से हरसंभव वैकल्पिक व्यवस्था बनाने का प्रयास किया गया। बसों की कमी के चलते थोड़ी बहुत परेशानी स्वभाविक है। -नवरत्न शर्मा, डीआई, दादरी डिपो