फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बंदर पकड़ो अभियान शुरू, पहले दिन 20 फंसे पिंजरे में

विज्ञापन
पिंजरे में फंसे बंदर। - फोटो : CharkhiDadri
विज्ञापन
चरखी दादरी। करीब छह माह के लंबे इंतजार के बाद नगर परिषद ने शहर में बंदर पकड़ो अभियान शुरू करवा दिया है। पहले दिन लघु सचिवालय और कोर्ट कॉम्प्लेक्स में पिंजरे लगाकर 20 बंदर पकड़े गए। इन्हें कलेसर के जंगलों में छोड़ा जाएगा। अमर उजाला ने बंदर पकड़ो अभियान बंद होने के मुद्दे को 26 अक्तूबर के संस्करण में प्रमुखता से उठाया था। उस दौरान नप अधिकारियों ने बुधवार से अभियान शुरू करवाने की बात कही थी और अधिकारियों ने अपना वादा निभाते हुए बुधवार से मुहिम का आगाज करवा दिया।
विज्ञापन

नगर परिषद ने करीब आठ माह पहले शहर से 500 बंदर पकड़ने का ठेका एक एजेंसी को दिया था। एजेंसी के मुहिम शुरू करने के कुछ दिन बाद ही कलेसर के जंगलों में बंदर छोड़ने पर पाबंदी लगा दी गई। नप सूत्रों के अनुसार कोरोना के चलते जंगल में बंदर छोड़ने पर पाबंदी लगाई गई थी और नप को अभियान बंद करवाना पड़ा था। दूसरी ओर शहरवासी लगातार नप अधिकारियों से बंदर पकड़ो अभियान शुरू करवाने की गुहार लगा रहे थे। अमर उजाला ने 26 अक्तूबर के संस्करण में बंदरों से लोग परेशान, प्रशासन कल से चलाएगा मुहिम नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद नप अधिकारियों ने बुुधवार से शहर में अभियान शुरू करवा दिया है। नप अधिकारियों के अनुसार पहले ही दिन कोर्ट परिसर और लघु सचिवालय में पांच पिंजरे लगाकर 20 बंदर पकड़े गए। एक बंदर को पकड़ने पर करीब 800 रुपये लागत आएगी और अनुबंध के अनुसार पहले चरण में एजेंसी को शहर से 500 बंदर पकड़ने हैं।
बंदरों की समस्या है तो करें शिकायत
शहर के किसी भी क्षेत्र में अगर बंदरों की समस्या है तो लोग नप अधिकारियों से इसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए नगर परिषद ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। सचिव प्रशांत पाराशर ने बताया कि बंदरों की शिकायत शहरवासी 98126-66501 पर कर सकते हैं। इसके बाद एजेंसी की टीम उस क्षेत्र में बंदर पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने पहुंचेगी।
विज्ञापन

वर्जन::
बंदर पकड़ो अभियान हमने शहर में शुरू करवा दिया है। पहले दिन करीब 20 बंदर पकड़े गए। मेरी अपील है कि लोग प्रसाद या अन्य खाद्य सामग्री खुले में न डालें। खुले में खाद्य सामग्री डालने पर बंदरों या लावारिस पशुओं का सार्वजनिक स्थानों पर जमावड़ा लगा रहता है। बंदरों की समस्या से शहरवासियों को हम जल्द निजात दिला देंगे।
विज्ञापन

प्रशांत पाराशर, सचिव, नगर परिषद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें