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Charkhi Dadri News: 13 गांवों में बाढ़ के पानी की निकासी के लिए 50 करोड़ का बजट जारी

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गत वर्ष मानसून सीजन में इमलोटा गांव के खेतों में भरा पानी।
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चरखी दादरी। जिले में बाढ़ के पानी की निकासी के लिए 50 करोड़ का बजट जारी हो गया है। इस परियोजना के तहत 13 गांवों में पानी की निकासी के लिए अंडरग्राउंड पाइप लाइन बिछाई जाएंगी। अगले मानसून सीजन से पहले इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की योजना है। दूसरी ओर जिले में हर साल मानसून सीजन में जलभराव से करीब पांच हजार एकड़ फसल खराब हो जाती है जिससे किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान होता है।
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जिले में कुल कृषि योग्य रकबा 1.21 लाख हेक्टेयर है। पिछले छह-सात साल से बाढ़ के पानी की वजह से विभिन्न गांवों में फसलें प्रभावित हुई हैं। इन गांवों के सैकड़ों किसानों की खरीफ सीजन की फसल जलभराव से खराब हुई और बाद में नवंबर माह तक पानी नहीं सूखने पर अगली रबी की फसलों की बिजाई नहीं कर पाए। इन प्रभावित गांवों में इमलोटा, सरूपगढ़, सांतोर, कंहेटी, भागवी, बिगोवा, नीमली, पांडवान, चरखी, जयश्री, मिसरी, फतेहगढ़, साहुवास व बौंदकलां आदि गांव शामिल हैं।
इन गांवों के किसान लंबे समय से पानी की निकासी का स्थायी तौर पर समाधान करने की मांग कर रहे थे। गांव इमलोटा, बिगोवा व भागवी में सर्वाधिक क्षेत्र में जलभराव होता है। अब सिंचाई विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से एस्टिमेट तैयार कर सरकार को भेजा गया था। अब इस प्रोजेक्ट की स्वीकृति मिलने पर 50 करोड़ का बजट जारी हुआ है। चरखी दादरी डिविजन में 22 करोड़ का बजट खर्च होना है और शेष राशि दूसरे डिविजन में खर्च की जानी है। इस डिविजन में जिले का बौंदकलां क्षेत्र आता है। इसके तहत इन गांवों में अंडरग्राउंड पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी।
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नहरों और ड्रेन में डाला जाएगा पानी
पाइप लाइनों के जरिये बारिश का पानी साथ लगती नहरों व ड्रेनों में डाला जाएगा। ऐसी व्यवस्था की जाएगी जिससे पानी का उठान लगातार होता रहे और खेतों में एकत्रित न होने पाए। आने वाले कुछ दिनों में प्रोजेक्ट के वर्क अलॉट होने की उम्मीद है।



किसान नेता बोल- विभाग जल्द करवाए काम शुरू
विभाग को इस प्रोजेक्ट पर जल्दी काम शुरू करवाना चाहिए ताकि अगले मानसून सीजन में जलभराव न होने पाए। किसानों को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है। किसान की आज पहले से ही माली हालत बनी हुई है। प्राकृतिक आपदा के रूप में ओलावृष्टि व पाले से हर साल किसानों को नुकसान हो रहा है। सरकार समय पर मुआवजा भी नहीं देती है। नाममात्र का मुआवजा मिलता है।
रामकुमार कादयान, जिला अध्यक्ष, अन्नदाता किसान यूनियन



-सतगामा समेत दादरी जिले के कई गांवों की ये बड़ी समस्या है। इससे हर साल इन गांवों के सैकड़ों किसानों को करोड़ों रुपये की चपत लगती है। लंबे समय से पीड़ित किसान और किसान संगठन समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। बाढ़ के पानी ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों के किसानों की कमर तोड़ रखी है। विभाग को जल्द ये परियोजना धरातल पर पूरी करनी चाहिए।
सुनील पहलवान, किसान नेता




सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। इस बजट से जल्द ही काम शुरू होगा। अगले मानसून सीजन से पहले किसानों की यह समस्या दूर हो जाएगी। इन गांवों में अंडरग्राउंड पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी। विभाग इस प्रोजेक्ट को तत्परता से पूरा करेगा।
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सतेंद्र कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग





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