चरखी दादरी। शहर में सोमवार देर शाम तक करीब 11 एमएम बारिश हुई। इसके चलते छह शहरी क्षेत्र प्रभावित हुए। हालांकि प्रशासन के समय रहते मोटरें चलवाकर पानी की निकासी करवाने से लोगों को अधिक परेशानी नहीं झेलनी पड़ी। हालांकि बाजारों में जलभराव तो नहीं रहा, लेकिन कीचड़ होने से लोगों को जरूर थोड़ी दिक्कत हुई।
बारिश के बाद तत्परता से काम शुरू होने के चलते इस बार बहुत कम समय में शहर से पानी की निकासी हो गई। इससे लोगों को काफी राहत मिली है। बारिश आते ही उपायुक्त मनदीप कौर ने अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए कि शहर से बारिश रुकते ही पानी निकासी की पुख्ता व्यवस्था करें।
बता दें कि सोमवार दोपहर बाद से शहर व आसपास के क्षेत्र में बारिश शुरू हुई थी जो देर रात तक जारी रही। आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को 11 एमएम बारिश दर्ज की गई है। बारिश के कारण कोर्ट रोड, लाला लाजपतराय चौक, काठमंडी, वार्ड 17 सहित अन्य क्षेत्र प्रभावित हुए थे। लेकिन उपायुक्त के निर्देशों पर विभाग के तुरंत संज्ञान लेने के चलते लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा और प्रभावित इलाकों से बहुत कम समय में पानी निकाल दिया गया।
30 कर्मचारियों की लगाई ड्यूटी
पानी निकासी सुनिश्चित करने के लिए विभाग के 30 कर्मचारी रातभर काम पर जुटे रहे। इसके लिए आम दिनों से अलग भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई। जन स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पानी निकासी के लिए कुल 13 मोटर काम में ली गईं, जिसके चलते कम समय में ही पानी निकासी हो सकी।
जानिये...कहां-कहां चलीं मोटरें
तिकोना पार्क और घिकाड़ा मोड़ पर दो-दो मोटरें लगाई गईं। तिकोना पार्क पर 30 व 45 एचपी और घिकाड़ा मोड़ पर 50 व 20 एचपी की मोटरें लगाई गई। इसी प्रकार चिड़िया रोड एसटीपी पर 120 एचपी और समसपुर रोड पर 200 एचपी की मोटर काम में ली गई। इसके अलावा रेस्ट हाऊस में 30 एचपी, चरखी गेट पर 20 एचपी, झाडू चौक पर 30 एचपी और रोहतक चौक, बस स्टैंड, पुरानी गोशाला व बधवाना गेट पर भी 7.5 एचपी की मोटरें चलाई गई।
मानसून में भी जलभराव से मिलेगी स्थायी निजात : डीसी
दादरी शहर को मानसून के दौरान जलभराव की बड़ी समस्या से स्थायी निजात दिलाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। बारिश के पानी की निकासी संबंधी कार्य पूरे होने पर शहर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। उपायुक्त मनदीप कौर का कहना है कि शहर को जलभराव मुक्त करना उनकी प्राथमिकता है और इसके लिए लगभग प्रतिदिन सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मंथन होता है। अब वो दिन दूर नहीं जब दादरी शहर जलभराव से मुक्त होगा।