फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाई सिक्का वापस डाल, जेब से नोट निकाल

विज्ञापन
दस रुपये के सिक्के। - फोटो : CharkhiDadri
विज्ञापन
चरखी दादरी। अगर आपके पास भारतीय मुद्रा के रूप में 10 रुपये के सिक्के हैं तो भी आप दादरी में उससे सामान नहीं खरीद पाएंगे। फल से लेकर किराना का सामान और दवा तक आपको नहीं मिलेगी। आलम यह है कि अगर आपने किराये के रूप में 10 के सिक्के देने की बात कही तो ऑटो वाला भी बैठाने से भी इनकार देगा। इन सबका जवाब एक जैसा होता है... भाई, दादरी में नहीं चलता दस का सिक्का। इसलिए सिक्का वापस डाल और जेब से नोट निकाल। नियम है कि कोई भी दुकानदार या व्यक्ति आरबीआई द्वारा जारी सिक्का नहीं लेता है, या लेने से इनकार करता है, तो उस पर राजद्रोह का मामला दर्ज कराया जा सकता है। सिक्के को लेकर 15 जगहों पर संवाददाताओं की टीम ने पड़ताल की तो हकीकत सामने आई कि 2017 के बाद से ही दादरी में दस का सिक्का नहीं चलता।
विज्ञापन

गौरतलब है कि वीरवार रात को दिल्ली पुलिस ने दादरी निवासी नरेश को गिरफ्तार कर इमलोटा गांव में 10 रुपये के नकली सिक्के बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने इंस्पेक्टर राहुल की अगुवाई में फैक्टरी से सिक्कों के 12 पैकेट बरामद किए थे। इनमें 10 रुपये के 10112 नकली सिक्के थे। इन सिक्कों को सप्लाई करने के लिए पैकेट में डाला था। आरोपी इन सिक्कों को प्रदेश सहित दिल्ली कई जगहों से खापने की प्रयास में था। इससे पहले भी आरोपी नरेश वर्ष 2016 में भी नकली सिक्कों के साथ दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। इसके चलते तब से ही जिले के लोगों में 10 रुपये के सिक्कों लेकर संदेह बना हुआ है। लोग अब भी10 रुपये का सिक्का लेने से कतराते हैं। पड़ताल में जानिये क्या रही स्थिति...
फल दिया न ऑटो में बैठाया, रसोई का सामान और दवा देने से भी इनकार...
सबसे पहले टीम दो अलग-अलग किराना स्टोर पर रसोई का सामान लेने पहुंची। सामान लेने से पहले 10-10 के सिक्के देने की बात कही तो दोनों दुकानदारों ने सिक्का लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद टीम बस स्टैंड रोड पर करीब 100 मीटर की दूरी में लगने वाली दो फल की रेहड़ियों पर पहुंची। वहां केला लेने की एवज में दस-दस के सिक्के देने की बात कही तो फ्रूट बेचने वाले दोनों ने तपाक से मना कर दिया। इसके बाद टीम बस स्टैंड पर पहुंची और वहां से ढाणी फाटक का ऑटो पकड़ा। उतरने पर ऑटो वाले को किराये के तौर पर 10-10 के तीन सिक्के दिए तो उसने लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद ऑटो वाले को दस-दस के तीन नोट दिए तो उसने तुरंत ले लिए। ऑटो वाले ने किराया लेते हुए कहा कि दादरी में 10 का सिक्का पिछले पांच सालों से नहीं चल रहा है। हम आगे देना चाहे तो कोई नहीं लेगा। इसके बाद टीम दो मेडिकल स्टोर पर पहुंची। एक स्टोर से सिरदर्द और दूसरे से बुखार की दवा ली। 10 रुपये के सिक्के देने पर दोनों मेडिकल स्टोर संचालकों ने लेने से मना कर दिया। एक संचालक ने तो यहां तक कह दिया कि मेरे पास घर पर सात हजार के सिक्के रखे हैं, लेकिन आगे इन्हें कोई नहीं ले रहा और मजबूरीवश हमें भी लेने बंद करने पड़े।
विज्ञापन

नरेश बना कार डेकोरेटर से ‘सिक्का नरेश’
दादरी में कई सालों तक कार डेकोरेशन का काम करने वाले नरेश के 2016 में नकली सिक्कों के साथ पकड़ में आने और फिर उसकी कई फैक्टरियां पकड़ी जाने के बाद से दादरी जिले में दस का सिक्का नहीं चलता। छोटे दुकानदारों से सप्लायर्स और थोक विक्रेता नकदी के रुपये में 10-10 के रुपये नहीं लेते हैं। अब दोबारा इमलोटा में नरेश की फैक्टरी पकड़ में आने के बाद कार डेकोरेटर नरेश के ‘सिक्का नरेश’ बनने की चर्चा जोरों पर है।
कानूनन गलत है 10 रुपये का सिक्का लेने से मना करना
अधिवक्ता संजीव तक्षक ने कहा कि 10 रुपये का सिक्का लेने से इनकार करना कानूनी रूप से गलत है। आरबीआई ने इसके लिए बाकायदा एक्ट बनाया हुआ है। अगर कोई दुकानदार या कोई अन्य दस रुपये का सिक्का लेने से इनकार करता है तो उसके खिलाफ आप कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं।
विज्ञापन

कोई भी 10 रुपये का सिक्का लेने से मना नहीं कर सकता है। अगर कोई उपभोक्ता बैंक में आता है, तो हम सिक्के लेकर जमा करते हैं।
- मनरूप सिंह, मैनेजर, पीएनबी लोहारू रोड
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें