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मंडी से बाहर हो रही कपास खरीद के विरोध में आढ़तियों की हड़ताल

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मंडी परिसर में धरना देते आढ़ती। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। अनाज मंडी से बाहर धड़ल्ले से हो रही कपास खरीद को लेकर नई अनाज मंडी के आढ़तियों में रोष है। इससे खफा आढ़तियों ने मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। आढ़तियों ने एलान किया कि मांग पूरी होने और समाधान निकलने तक मंडी में खरीद-फरोख्त बंद रहेगी। हड़ताल करने वाले आढ़तियों से मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने वार्ता भी की जो बेनतीजा रही और इसके बाद आढ़तियों ने बुधवार को भी धरना और हड़ताल जारी रखने की घोषणा की।
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इस सीजन में जिले में कपास का रकबा करीब 32 हजार हेक्टेयर था। ज्यादातर गांवों में बारिश से जलभराव के कारण फसल बर्बाद हो गई है। जिन किसानों की कपास नष्ट होने से बच गई वे अब इसे बेच रहे हैं। मंडी से ज्यादा बाहर कपास की बिक्री हो रही है, जो नियमों के खिलाफ है। अवैध रूप से हो रही बिक्री पर अंकुश न लगने से खफा आढ़तियों ने मंगलवार दोपहर 12 बजे नई अनाज मंडी परिसर में उप-प्रधान राधेश्याम की अध्यक्षता में बैठक की। पंद्रह मिनट के अंदर ही आढ़तियों ने इसके विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया और मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया। करीब 20 मिनट बाद ही मार्केट कमेटी सचिव परमजीत नांदल आढ़तियों के बीच पहुंचे और उन्होंने उनसे वार्ता की। इस दौरान आढ़तियों ने कपास की अवैध बिक्री बंद करवाने की बात कही। वहीं, सचिव ने आढ़तियों से हड़ताल खत्म करवाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद सचिव वहां से चले गए। आढ़ती वेदपाल सांगवान, सुरेंद्र, अनिल, वेदपाल खाचरौली, दिनेश, राजपाल, शंकरलाल, नरेश, देवेंद्र और रमेश ने बताया कि अधिकारियों की मिलीभगत के चलते कपास की अवैध बिक्री हो रही है जिससे आढ़तियों के साथ सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
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