चरखी दादरी। चार माह बाद जिला वासियों को नहर का स्वच्छ पानी पीने को मिलेगा। दरअसल चार माह बाद नहरों में पानी दिए जाने की सूचना है। जिसके बाद सिंचाई विभाग भी पुराने समय अनुसार नहर में पानी देने की तैयारियों में जुटा है। जिला का नहर में पानी आने का नंबर चार नवंबर यानी दिवाली से शुरू होगा। अब तक नहरों में बारिश का पानी ही बह रहा है, जिसे जलघर तक पहुंचाकर घरों में आपूर्ति किया जा रहा है। इससे पानी की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं और लोग विभाग से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति करने की मांग कर रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नहरों में पानी छोड़े जाने के बाद इस समस्या का समाधान हो जाएगा। जिले के 172 गांवों में 58 जलघरों के जरिये पेयजल आपूर्ति की जाती है और सभी जलघर नहरों से ही भरे जाते हैं।
जिले की नहरों में चार माह से बारिश का ही पानी बह रहा है। यह पानी खेतों से उठाकर नहरों में डाला जा रहा है। ऐसे में यह पानी जलघरों में डालने लायक नहीं है क्योंकि खेतों में रसायनिक खादों का इस्तेमाल होने की वजह से पानी की गुणवत्ता बेहद खराब है। इस समय लोहारू मेन, लोहारू कैनाल के अलावा बधवाना डिस्ट्रीब्यूट्री में भी बारिश का पानी चल रहा है। कई गांवों में माइनर और सब माइनर के जरिये भी जलघरों में पानी डाला जाता है।
इस बार बारिश ज्यादा होने की वजह से रबी की फ सलों की बिजाई के लिए भी किसानों को नहरी पानी की जरूरत नहीं है। ऐसे में नहरी पानी की इस बार चोरी भी नहीं होगी। आमतौर पर किसान नहरों पर पानी साइफन पाइप व इंजन आदि लगाकर पानी का उठान करते रहे हैं। बारिश ज्यादा होने की वजह से खेतों में नमी की मात्रा पर्याप्त होने की वजह से किसान सरसों की बिजाई बिना सिंचाई के ही कर सकेंगे।
इन गांवों में गिरी पानी की गुणवत्ता
इस समय शहर व गांवों के जलघरों में स्वच्छ पानी डाले जाने की सख्त जरूरत है। गांव घसोला, मंदोला, कलियाणा, जावा, चांगरोड़, दातोली, ढाणी फौगाट, चिड़िया, पांडवान, जावा, पालड़ी, मिसरी, बौंद कलां, अचीना, रानीला, इमलोटा, चरखी, पैंतावास, झोझू कलां, मंदोला, घिकाड़ा, सांवड़, सांजरवास सहित तकरीबन गांवों के जलघरों में पानी की गुणवत्ता में गिरावट बनी हुई है।
400 रुपये में पानी का टैंकर खरीद रहे लोग
लोग पेयजल कैंपर व 400 रुपये में टैंकर खरीदने को विवश हैं। शहर निवासी दलबीर, हिमांशु, गुरुमुख, पूजा, बिमला, देशराज, बालकिशन, पवन, इंद्रजीत, सरोज, सविता, संतोष व रामकुमार आदि का कहना है कि सप्लाई में आने वाला पानी पीने लायक नहीं है। मजबूरीवश लोग टैंकर डलवाने के अलावा आरओ संचालकों से कैंपर खरीदकर काम चला रहे हैं।
वर्जन::
नवंबर से नहरी टर्न शुरू हो जाएगी और नहरों में पानी पहुंचते ही प्राथमिकता से जलघरों को भरा जाएगा। इसके लिए हमने तैयारियां शुरू कर दी है। नहरों में पानी छोड़े जाने के बाद लोगों को आपूर्ति में शुद्ध व स्वच्छ पानी मिल सकेगी।
ओमदत्त, एसडीओ, सिंचाई विभाग