चरखी दादरी। भिवानी रोड से नया बाईपास निकाला जाएगा, यह लोहारू, कलियाणा और महेंद्रगढ़ रोड का आपस में जुड़ाव करेगा। इसकी लंबाई साढ़े सात किलोमीटर होगी। लोक निर्माण विभाग ने इसका प्रारूप तैयार कर लिया है। अधिकारियों ने निर्माण के लिए 30 करोड़ रुपये का रफ एस्टीमेट तैयार कर चुके हैं। बाईपास बनने से प्रतिदिन 30 हजार से अधिक वाहन चालकों को अतिरिक्त दूरी भी तय नहीं करनी पड़ेगी।
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला 11 फरवरी को विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन करने दादरी आए थे। उस दौरान उन्होंने पीडब्ल्यूडी के एसई और एक्सईएन को शहर में नया बाईपास निर्माण का प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर अमल करते हुए पीडब्ल्यूडी ने एस्टीमेट तैयार करने के साथ अगली कार्रवाई भी शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिस जगह से बाईपास निकाला जाएगा, वहां पहले माइनर होती थी। यह माइनर जर्जर हो चुकी है और सालों से इसमें पानी नहीं आ रहा है। इस माइनर की जगह पर साढ़े सात किलोमीटर लंबा बाईपास बनाया जाएगा। फिलहाल ऐसा कोई मार्ग नहीं है जो लोहारु, कलियाणा, बाढड़ा और भिवानी रोड का जुड़ाव करता हो। ऐसे में अब पीडब्ल्यूडी की योजना है कि इन तीनों मार्गों को जोड़ने के लिए कर्व आकार का बाईपास बनाया जाए।
लोहारु चौक पर नहीं लगेगा जाम
लोहारु चौक पर ओवरब्रिज के साथ सर्विस लेन भी बनाया गया है। इस सर्विस लेन की चौड़ाई काफी कम है। यहां से भारी वाहन भी काफी गुजरते हैं और सर्विस लेन पर मुड़ते समय इन भारी वाहनों को कई दफा आगे-पीछे करना पड़ता है। इतना ही नहीं इसके चलते जाम भी लगा रहता है। नए बाईपास का निर्माण होने के बाद भारी वाहन बाहर की बाहर निकल जाएंगे और लोहारु चौक पर जाम की समस्या भी खत्म होगी।
ऐसे किया जाएगा चारों मार्गों का जुड़ाव
पीडब्ल्यूडी अधिकारी के अनुसार बाईपास के एक तरफ की शुरुआत भिवानी रोड से होगी। यह रोड पहले लोहारू रोड से जुड़ेगा और इसके बाद कलियाणा और महेंद्रगढ़ रोड से जुड़ाव होगा। यह बाईपास बनने के बाद लोहारू की तरफ से महेंद्रगढ़ की ओर और महेंद्रगढ़ की तरफ से आने वाले वाहनों को बाढड़ा या लोहारू जाने के लिए लोहारु चौक पर नहीं आना पड़ेगा।
जमीन ट्रांसफर की प्रक्रिया पर कागजी कार्रवाई शुरू
पीडब्ल्यूडी विभाग इस योजना को जल्द से जल्द सिरे चढ़ाने के प्रयास में है। इसके लिए सिंचाई विभाग से जमीन स्थानांतरित करवाई जानी है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पीडब्ल्यूडी ने सिंचाई विभाग को पत्र भी लिख दिया है। हालांकि डिप्टी सीएम की बैठक में सिंचाई विभाग के अधिकारी इस पर पहले ही सहमति जता चुके हैं।
वर्जन
नए बाईपास निर्माण का एस्टिमेट तैयार कर लिया गया है। इस पर करीब 30 करोड़ रुपये लागत आएगी। एनओसी के लिए सिंचाई विभाग को पत्र भेज चुके हैं और जल्द प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया जाएगा। जल्द से जल्द बाईपास का निर्माण करवाने की योजना है। - सोमबीर दहिया, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।