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परीक्षा केंद्रों पर भेजीं 37 रोडवेज बसें, लोकल रूटों पर चरमराई सेवा

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बस स्टैंड परिसर पर बैठे यात्री बूथ पर बस लगने का इंतजार करते। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। महिला सिपाही भर्ती परीक्षा के लिए डिपो की 37 बसें 2200 से अधिक परीक्षार्थियों को पांच जिलों के परीक्षा केंद्र पर लेकर पहुंची। दूसरी और लोकल रूटों पर रविवार को बस सेवा चरमराई रही। 13 रूटों पर बसों के पहिये कम घूमने से पांच हजार से अधिक यात्रियों को परेशानियां झेलनी पड़ीं। इन यात्रियों को अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचने के लिए डेढ़ से दो घंटे तक बूथ पर इंतजार करना पड़ा। हालांकि परीक्षा केंद्रों के लिए बसें चलाने से रोडवेज को चार लाख से अधिक का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
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परीक्षार्थियों की सहूलियतों को देखते हुए डिपो अधिकारियों ने शुक्रवार रात और शनिवार को एडवांस बुकिंग के आधार पर पांच जिलों में 19 बसें भेजी थीं, जबकि 75 बसों का विभिन्न रूटों पर संचालन हुआ था। इसके चलते शनिवार को तो रूटों पर बसों की व्यवस्था ठीकठाक थी। लेकिन शनिवार रात और रविवार सुबह एडवांस बुकिंग के आधार पर अधिकारियों ने 37 बसों को पंचकूला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र और करनाल रूट पर भेजा। इन बसों की व्यवस्था लंबे और लोकल रूटों पर चलने वालीं बसों की संख्या में कटौती करके की गई। इसका असर रविवार को अन्य रूटों की बस सेवा पर पड़ा। रविवार को परीक्षा केंद्रों के अलावा अन्य रूटों पर 57 बसें ही दौड़ पाईं, जो यात्रियों की संख्या के लिहाज से कम रही।
रोडवेज अधिकारियों का तर्क है कि बसों की संख्या के लिहाज से उन्होंने हरसंभव व्यवस्था बनाने का प्रयास किया। बस कम रहने के चलते कुछ रूटों पर यात्रियों को थोड़ी बहुत दिक्कतें उठानी पड़ीं। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षार्थियों के लिए बसों का संचालन करना भी बेहद जरूरी था। रविवार को दिल्ली और चंडीगढ़ के अलावा 11 लोकल रूटों पर चलने वाली बसों की संख्या घटाई गई।
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इन रूट पर इतनी बस की संख्या की कम
सामान्य दिनों में दिल्ली रूट पर चार बसें चलती थीं, लेकिन परीक्षा के चलते इस रूट की तीन बसें हटाई गईं। चंडीगढ़ रूट पर पांच की बजाय दो, रोहतक रूट पर छह की बजाय चार, झज्जर रूट पर तीन की जगह एक, हिसार रूट पर सात की बजाय चार, भिवानी रूट पर 20 की बजाय 13, लोहारू रूट पर चार की बजाय एक, सतनाली रूट पर भी चार की बजाय एक, कनीना रूट पर छह की जगह दो, बेरी रूट पर दो की बजाय एक, बहुझोलरी रूट पर चार की बजाय दो, नारनौल रूट पर छह की बजाय दो और माई-बांस रूट पर तीन की जगह एक ही बस भेजी गई।
बसों की संख्या कम होने से यात्रियों को थोड़ी दिक्कतें झेलनी पड़ीं। फिर भी हमने अपनी ओर से हर रूट पर बस का संचालन करने का प्रयास किया। परीक्षार्थियों के लिए बसें भेजना भी जरूरी था।
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प्रदीप शर्मा, डीआई, दादरी रोडवेज डिपो
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