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Charkhi Dadri News: 2500 शिक्षकों को एक साल बाद भी नहीं मिले पंचायत चुनावी ड्यूटी के 50 लाख

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पिछले वर्ष नवंबर माह में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में ईवीएम लेकर जाते कर्मचारी।
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चरखी दादरी। जिले के राजकीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों का पंचायत चुनावी ड्यूटी का 50 लाख रुपये के पारिश्रमिक एक साल से बकाया पड़ा है। पंचायत चुनाव में करीब 2500 शिक्षकों ने ड्यूटी दी थी, लेकिन आज तक इन्हें इसका पारिश्रमिक नहीं मिला पाया है। अध्यापक संगठन की ओर से इस बारे में प्रशासन से कई बार मांग की जा चुकी है।
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बता दें कि पिछले साल नवंबर माह में पंचायत चुनाव संपन्न हुए थे। इन चुनावों में शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई थी। चुनाव से पूर्व रिहर्सल व प्रशिक्षण कार्यक्रम भी हुए थे। शिक्षकोंं को चुनाव के दौरान ड्यूटी करनी पड़ी थी। बेसिक वेतनमान के हिसाब से पारिश्रमिक का भुगतान का प्रावधान है।
वहीं, शिक्षक संगठनों का कहना है कि चुनाव को एक साल बीत चुका है, लेकिन प्रशासन की ओर से इस विषय में कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसे लेकर एसडीएम के समक्ष भी शिक्षक अपनी मांग रख चुके हैं, परंतु अब तक पारिश्रमिक का भुगतान नहीं हो सका है।
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- 165 ग्राम पंचायतों में करवाए गए थे चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न
विदित रहे जिले में 165 ग्राम पंचायतों के चुनाव हुए थे। इनके अलावा जिला परिषद, ब्लॉक समिति सदस्य, पंच पद के चुनाव संपन्न कराए गए थे। पंचायत चुनाव में जेबीटी, मास्टर व प्रवक्ता को अलग-अलग ड्यूटी दी गई थी। चुनाव से पहले ईवीएम प्रशिक्षण हुआ था। चुनाव से पहले दिन पोलिंग पार्टियां बूथों के लिए रवाना हुई थीं।
- यूं बनता है 50 लाख रुपये पारिश्रमिक
जिला शिक्षा विभाग से करीब 2500 शिक्षकों की चुनावों में सेवाएं ली गई थी। प्रत्येक शिक्षक का करीब दो हजार रुपये तक पारिश्रमिक बनता है। ऐसे में करीब 50 लाख रुपये पारिश्रमिक बनता है।

-चुनावी ड्यूटी में कई दिन लगे थे। ईवीएम प्रशिक्षण से लेकर मतदान व मतगणना का कार्य किया गया था। एक कर्मी का करीब दो हजार रुपये पारिश्रमिक बनता है। जिले में करीब दो हजार शिक्षकों की चुनावों में ड्यूटी लगी थी। परंतु आज तक उन्हें पारिश्रमिक नहीं मिला है। अध्यापक संगठन एसडीएम से भी मिल चुका है। प्रशासन को बकाया पारिश्रमिक का जल्द भुगतान करवाना चाहिए।
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-संजय शास्त्री, जिला प्रधान,हरियाणा राजकीय विद्यालय अध्यापक संघ
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