चरखी दादरी बिजली निगम ने 18 करोड़ खर्च कर जिले के 15 गांवों को जगमग योजना से जोड़ दिया। फिलहाल 17 फीडरों पर काम चल रहा है जो मई तक पूरा होने की उम्मीद है। दूसरे चरण के इस कार्य पर करीब 24 करोड़ लागत आएगी और इसके तहत 60 गांवों को कवर किया जाएगा। इसके साथ ही 13 फीडरों के अधीन आने वाले 15 गांवों में अब 16 की बजाय 24 घंटे बिजली आपूर्ति शुरू कर दी गई है।
जगमग योजना से वंचित गांवों में 16 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल है। शेड्यूल मुताबिक भी बिजली आपूर्ति न होने की शिकायत ज्यादातर गांवों में बनी हुई है। इन शिकायतों और समस्याओं को खत्म करने के लिए बिजली निगम ने तीन चरणों में दादरी, बाढड़ा और झोझू क्षेत्र के गांवों को जगमग योजना से जोड़ने की योजना तैयार की थी। इसके तहत तीन चरणों में 61 फीडरों पर काम होना है। हाल ही में एजेंसी ने पहले चरण में 13 फीडरों का काम पूरा कर दिया है। इन फीडरों पर हुए कार्य में करीब 18 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इसके तहत खेड़ी बत्तर, खेड़ी बूरा, डोहका दीना, नरसिंहवास, सारंगपुर, रासीवास आदि गांवों के फीडरों को कवर किया गया है।
दूसरे चरण का काम जारी, अधिकारी कर रहे मॉनीटरिंग
निगम अधिकारियों के अनुसार दूसरे चरण में 17 फीडरों पर काम करवाया जा रहा है। यह कार्य आधे से ज्यादा पूरा हो चुका है और मई 2022 तक इस चरण के कार्य को भी पूरा कर दिया जाएगा। दूसरे चरण पर चौबीस करोड़ लागत आएगी और इसें साठ गांवों को कवर किया जाएगा। एजेंसी दूसरे चरण का कार्य पूरा करवाने में लगी हुई है और निगम अधिकारी कार्य की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। निगम अधिकारियों का दावा है कि काम पूरा होने के बाद इन 60 गांवों में चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
31 फीडरों पर कार्य शुरू करवाने के लिए बनाए जा रहे एस्टीमेट
इसके बाद 31 फीडरों का कार्य शुरू करवाया जाएगा और इसके एस्टीमेट फिलहाल तैयार किए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार तीनों चरणों पर सौ करोड़ से अधिक की लागत आने की संभावना है।
इंसुलेटिड केबल से 50 प्रतिशत तक रुकेगी चोरी
निगम अधिकारियों के अनुसार गांवों को जगमग योजना से जोड़ने के लिए ओपन कंडेक्टर केबल को बदला गया है। इसकी जगह इंसुलेटिड केबल लगाई गई है। इस केबल में लोग सीधे कट लगाकर बिजली चोरी नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा घरों के अंदर लगे मीटरों को भी बाहर लगाया जा रहा है। इन कवायद से करीब 50 फीसदी तक बिजली चोरी रुकने का अनुमान है।
इन समस्याओं से मिलेगी निजात
जिन गांवों में योजना के तहत काम पूरा होगा, उन्हें जर्जर तारों, ओवरलोडिंग, अघोषित पावर कट आदि समस्याओं से राहत मिलेगी। पुराने तारों को बदलने से बार-बार आने वाले फॉल्टों से भी निजात मिलेगी।
वर्जन::
जगमग योजना के पहले चरण का काम हम पूरा करवा चुके हैं जबकि दूसरे चरण पर काम चल रहा है। मई तक 30 फीडरों पर काम पूरा हो जाएगा। पहले चरण के 15 गांवों में हमने चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति शुरू कर दी है।
श्रीभगवान, जेई, बिजली निगम