चरखी दादरी। श्यामसर तालाब के जीर्णोद्धार के लिए काम शुरू होने का इंतजार लंबा खींचता चला जा रहा है। गत 24 अगस्त को नप अधिकारियों ने दो दिन के अंदर काम शुरू करवाने का दावा किया था, लेकिन करीब 17 दिन बीतने के बाद भी डी-वॉटरिंग का काम शुरू नहीं हुआ है। अभी यह काम शुरू होने में अभी चार से पांच दिन का समय और लग सकता है। इसके जरिये तालाब का दूषित पानी निकालकर साफ पानी भरा जाएगा। डी-वॉटरिंग होने के बाद ही तालाब की मरम्मत का कार्य शुरू हो पाएगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सितंबर 2016 में शहर के 400 साल पुराने ऐतिहासिक श्यामसर तालाब के जीर्णोद्धार की घोषणा की थी। पांच साल के लबे इंतजार के बाद पहले चरण के कार्य के लिए सरकार सात करोड़ 90 लाख का बजट स्वीकृत कर चुकी है। इस तालाब को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना है। इसके लिए तालाब को खाली करने की जरुरत है। तालाब के जीर्णोद्धार का टेंडर नप एजेंसी को अलॉट कर चुकी है।
पहले चरण में पानी निकासी के साथ तालाब की सफाई की जाएगी। मौजूदा दीवार से हटकर आरसीसी से एक नई दीवार बनाई जाएगी। दोनों दीवारों के बीच लोगों के सैर करने के लिए वॉकिंग ट्रैक भी बनाया जाएगा। साथ ही तालाब के चारों ओर लोगों की सुविधा के लिए पार्क और पार्किंग का निर्माण भी किया जाएगा। फिलहाल तालाब के जीर्णोद्धार के बाद इसमें बरसाती पानी संचयन की योजना है। मौजूदा दीवार सहित तालाब के पूरे ढांचे की मरम्मत भी की जाएगी। तालाब में बने चारों घाटों की हालत को भी प्रोजेक्ट के तहत सुधारा जाएगा।
यह है तालाब का इतिहास
यह तालाब लगभग 400 साल पहले शाहजहां के दरबार में शाही खजांची के तौर पर काम करने वाले लाला सीताराम ने बनवाया था और उस समय में इस पर एक लाख मुद्राएं खर्च हुई थीं। जानकारों के अनुसार करीब दो दशक पहले तालाब को खाली किया गया था। उस दौरान इसकी तलहटी चूने की मिली थी। करीब ढाई सप्ताह पहले एजेंसी की लेबर डी-वॉटरिंग कार्य शुरू करने दादरी पहुंची थी, लेकिन अब तक यह काम शुरू नहीं हुआ है।
एजेंसी से हम संपर्क कर चुके
डी-वॉटरिंग कार्य शुरू करवाने के लिए एजेंसी से हम संपर्क कर चुके है। एजेंसी का तर्क है कि इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। चार-पांच दिन में तालाब को खाली करने की कवायद शुरू कर दी जाएगी।
-सुमनलता, ईओ, नगर परिषद