हौसला: उड़नपरी की तरह दोड़ी 105 साल की उम्र में रामबाई, दोहती ने किया प्रेरित तो बना डाला नेशनल रिकॉर्ड
Wed, 22 Jun 2022 12:16 AM IST
भूपेंद्र सिंह
रोहित राजपूत, संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
सार
गुजरात के वड़ोदरा में आयोजित मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 100 मीटर दौड़ में कादमा निवासी बुजुर्ग धावक ने सफलता पाई है। सात माह के छोटे करिअर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में 21 स्वर्ण पदक जीते हैं। 40 वर्षीय दोहती भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में एक स्वर्ण और छह कांस्य पदक जीत चुकी है।
कहते हैं अगर मन में कुछ करने का जुनून हो तो कोई बाधा आड़े नहीं आती। ऐसा ही कारनामा हरियाणा के चरखी दादरी के कादमा निवासी 105 साल की रामबाई ने कर दिखाया है। रामबाई ने उम्र की बाधा को लांघकर गुजरात के वडोदरा में आयोजित मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 100 मीटर दौड़ में न केवल स्वर्ण पदक जती, बल्कि नेशनल रिकॉर्ड भी बना डाला। उन्होंने 45.4 सैकेंड में 100 मीटर दौड़ पूरी की। इसके अलावा 200 मीटर दौड़ में भी बुजुर्ग धावक ने स्वर्ण पदक जीता। वहीं, उनकी दोहती शर्मिला ने भी 5000 मीटर वॉक में कांस्य पदक हासिल किया।
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रामबाई की दोहती शर्मिला ने बताया कि सात माह पहले ही उसने अपनी नानी रामबाई के साथ खेल मैदान में कदम रखा है। सात माह के खेल करिअर में उसकी नानी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में तीन पदक और राष्ट्रीय स्पर्धाओं में 18 स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में 16 से 19 जून तक वडोदरा में आयोजित नेशनल मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उसकी नानी ने बुजुर्ग धावक मान कौर (101) का रिकॉर्ड तोड़ा है।
शर्मिला ने बताया कि उनके एक रिश्तेदार ने उसे खेलने के लिए प्रेरित किया था। इसके बाद उसके जहन में नानी को भी खेल मैदान में उतारने का ख्याल आया। शर्मिला के अनुसार सात माह के अंदर वो सात कांस्य और एक स्वर्ण पदक जीत चुकी है जबकि उसकी नानी रामबाई उससे दोगुने पदक जीत चुकी हैं। संवाद
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ये हैं रामबाई की उपलब्धियां
नेपाल में आयोजित मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीते। इसके अलावा वाराणसी और बंगलूरू में आयोजित राष्ट्र स्तरीय स्पर्धा में चार-चार स्वर्ण पदक हासिल किए। रामबाई ने इसी प्रकार महाराष्ट्र में आयोजित मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पांच स्वर्ण पदक जीते। केरला में उन्होंने तीन और वडोदरा में दो स्वर्ण पदक जीते हैं।
गांव की सबसे बुजुर्ग महिला
रामबाई कादमा की सबसे बुजुर्ग महिला हैं। वो पूरी तरह तंदुरुस्त हैं और प्रतिदिन सुबह वॉक करती हैं। रामबाई की दोहती शर्मिला ने बताया कि अच्छा खान-पान ही उसकी नानी की तंदुरुस्ती का राज है। उन्होंने बताया कि उनकी नानी को बुजुर्गों की तरह किसी प्रकार की कोई बीमारी नहीं है।