आरोप लगाया गया है कि समालखा सीट से पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर कानून के प्रावधान को दरकिनार कर रहे हैं और गिरफ्तारी के डर के बिना उन्होंने चुनाव लड़ा। याचिकाकर्ता ने कहा कि पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ ईडी ने अदालतों को सूचित किया है कि वे आरोपी का पता लगाने में असमर्थ हैं।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने समालखा निर्वाचन क्षेत्र से पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर को गिरफ्तार करने के आदेश के बावजूद उनकी गिरफ्तारी न होने पर हरियाणा सरकार व ईडी को जमकर फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने अब उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद गिरफ्तार नहीं होने को लेकर दाखिल याचिका को मंजूर करते हुए उनकी गिरफ्तारी का आदेश दिया है। इस मामले में विस्तृत आदेश आना अभी बाकी है।
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सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र सिंह ने याचिका में दावा किया है कि गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद कानून प्रवर्तन एजेंसियां कार्रवाई करने में विफल रही हैं। छौक्कर चुनाव से पहले निर्वाचन क्षेत्र में खुलेआम घूम रहे थे और प्रचार कर रहे थे। छौक्कर और उनके बेटों पर धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोप लगाया गया है कि समालखा सीट से पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर कानून के प्रावधान को दरकिनार कर रहे हैं और गिरफ्तारी के डर के बिना उन्होंने चुनाव लड़ा। याचिकाकर्ता ने कहा कि पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ ईडी ने अदालतों को सूचित किया है कि वे आरोपी का पता लगाने में असमर्थ हैं। आरोपी खुलेआम प्रचार करके चुनाव लड़ रहा था। याची ने कहा कि इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि राज्य के अधिकारी अदालतों को गुमराह कर रहे हैं और पूर्व विधायक के साथ मिलीभगत कर रहे हैं।
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याचिकाकर्ता ने ईडी को धर्म सिंह छौक्कर के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश देने की मांग की है, जो विभिन्न गैर-जमानती वारंट, एफआईआर के पंजीकरण और बावजूद समालखा निर्वाचन क्षेत्र से फिर से चुनाव लड़ रहा था। याची ने आरोप लगाया कि ईडी और राज्य सरकार पूर्व विधायक को उनके राजनीतिक रसूख के कारण अनुचित लाभ दे रही है।