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हरियाणा में पराली जलाने पर सख्ती: किसानों पर दर्ज होगी FIR; दो साल तक मंडियों में फसल बेचने पर भी लगेगी रोक

Fri, 18 Oct 2024 07:17 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

शुक्रवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कार्यभार संभालने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हरियाणा में किसान पराली नहीं जलाएंगे। किसानों को पराली जलाने से रोकने के लिए अधिकारी उन्हें समझाएंगे। 
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Stubble Burning - फोटो : Istock
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विस्तार
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हरियाणा में पराली जलाने वाले किसानों पर अब एफआईआर की जाएगी। साथ ही वे अगले दो सीजन (रबी व खरीफ) मंडियों में फसल भी नहीं बेच पाएंगे। उनकी फसल को सरकार एमएसपी पर नहीं खरीदेगी। हरियाणा कृषि विभाग के निदेशक ने इसको लेकर प्रदेशभर के सभी डीसी और उप कृषि निदेशकों को पत्र जारी किया है।

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उधर, शपथ के बाद कार्यभार संभालते ही सरकार नायब सैनी सरकार कांग्रेस घेरने में जुट गई है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाले ने इसे तानाशाही करार दिया है, साथ ही तुरंत इसे वापसी की मांग की है। उधर, विपक्ष के हमलावर होते ही मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मोर्चा संभाल लिया है। सैनी ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं होगा, हमारे अधिकारी किसानों को समझाएंगे।
 

दरअसल हरियाणा में हर साल पराली जलाने का मुद्दा उठता है। खासकर दिल्ली में प्रदूषण बढ़ते ही दिल्ली सरकार हरियाणा को जिम्मेदार ठहराती है। हरियाणा सरकार पिछले कई साल से पराली प्रबंधन को लेकर काम कर रही है। इस बार धान सीजन को देखते हुए पराली जलाने के आ रहे मामलों को देखते हुए कृषि विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
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अगर कोई किसान पराली जलाते पकड़ा गया तो उसकी जमीन का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रेड एंट्री की जाएगी और वह आगामी दो सीजन तक मंडियों में ई खरीद पोर्टल के माध्यम से फसल नहीं बेच पाएगा।

यह एमएसपी खत्म करने की साजिश : सुरजेवाला
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह भाजपा की एमएसपी खत्म करने की साजिश है। भाजपा सरकार ने कार्यभार ग्रहण करने के पहले ही दिन किसानों पर हमला किया है, क्योंकि किसानों ने भाजपा को वोट नहीं दिया। इसलिए किसानों से बदला लेने के लिए भाजपा ऐसे तानाशाही फैसले ले रही है। भाजपा सरकार तुरंत प्रभाव से इस फैसले को वापस ले और किसानों को पराली प्रबंधन के लिए मशीनें उपलब्ध कराए। किसानों पर तानाशाही नहीं चलने दी जाएगी और अगर फैसला वापस नहीं लिया तो प्रदेशभर में आंदोलन चलाया जाएगा।
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हम किसानों को समझा रहे हैं : सीएम सैनी
पराली जलाने पर एफआईआर को लेकर सीएम सैनी का कहना है कि ऐसा कुछ नहीं है। हम और हमारे अधिकारी किसानों को समझा रहे हैं और किसान बहुत जागरूक हैं, वे पराली जलाने की बजाए प्रबंधन पर फोकस कर रहे हैं। माननीय कोर्ट के फैसले का पूरा पालन किया जाएगा।

26 और स्थानों पर जलाई गई पराली
विभाग की इतनी सख्ती के बावजूद प्रदेश में पराली जलाने के मामले कम नहीं हो रहे हैं। शुक्रवार को प्रदेशभर में 26 और स्थानों पर पराली जलाई गई। अब तक प्रदेश में इस सीजन नमें 627 स्थानों पर पराली जलाने के मामले सामने आ चुके हैं। शुक्रवार को अंबाला में 3, फरीदाबाद-फतेहाबाद, हिसार, कुरुक्षेत्र, पानीपत, सिरसा व जींद में 1-1, कैथल 6, करनाल 10 स्थानों पर पराली जलाई गई है।
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