आदमपुर उपचुनाव में करारी हार से आम आदमी पार्टी (आप) का केंद्रीय नेतृत्व नाखुश है। हार की समीक्षा के लिए प्रदेश प्रभारी सुशील गुप्प्ता दो-तीन दिन में दिल्ली में प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। प्रदेश के बड़े नेताओं और आदमपुर चुनाव का प्रबंधन संभाल रहे पदाधिकारियों से हार के कारण जाने जाएंगे।
साथ ही भविष्य के लिए दिशा-निर्देश जारी होंगे। आप ने पंचायती राज चुनावों में भी जिला परिषद की कुछ सीटों पर सिंबल पर उम्मीदवार उतारे हैं। पहले चरण का जिला परिषद चुनाव संपन्न हो चुका है, दूसरे चरण का नौ और तीसरे चरण का 22 नवंबर को होगा। उपचुनाव में तो पार्टी उम्मीदवार की जमानत भी नहीं बच पाई, अब आप जिला परिषद की कुछ सीटें जीतकर लाज बचाना चाहती है ताकि जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं में अच्छा संदेश जाए।
पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपचुनाव पर फोकस करते हुए हिसार के अनेक दौरे किए। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी पहुंचे, लेकिन मतदाताओं पर खास असर नहीं डाल पाए। केजरीवाल ने प्रदेश प्रभारी से इतनी बड़ी हार की वजह पूछी है।
सुशील गुप्ता अब प्रदेश के नेताओं से यह जानेंगे कि आदमपुर के मतदाताओं ने आप पर भरोसा क्यों नहीं जताया। इससे सबक लेते हुए पार्टी 2024 विधानसभा चुनाव में कैसे जनता का विश्वास जीता जाए, यह भी रणनीति बनाएगी।
इनेलो पंचायत चुनावों के बाद करेगी हार की समीक्षा
इनेलो पंचायत चुनाव के बाद आदमपुर उपचुनाव में मिली हार की समीक्षा करेगी। अभी पार्टी नेता जिला परिषद चुनाव में व्यस्त हैं। पार्टी विधायक व प्रधान महासचिव अभय चौटाला के पुत्र खुद जिला परिषद सदस्य का चुनाव लड़ रहे हैं। अभय चौटाला ने कहा है कि उपचुनाव में महापंचायत के जरिये चुना हुआ उम्मीदवार उतारा था। जनता का जनादेश पार्टी को मंजूर है।