फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धान की सरकारी खरीद का मिलर्स ने बहिष्कार किया

Tue, 01 Oct 2013 01:15 AM IST
कैथ्ाल
विज्ञापन
विज्ञापन
वर्ष 2007-08 के बोनस को लेकर मिलर्स के अटके करोड़ों रुपये के भुगतान को लेकर मिलर्स एवं आला अधिकारियों की चंडीगढ़ में बातचीत नहीं हो पाई। इस करण अब मिलर्स ने मंगलवार से शुरू हो रही धान की सरकारी खरीद का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
विज्ञापन


यह है मामला
 केंद्र सरकार द्वारा मिलर्स को सरकारी धान के बदले में लौटाए जाने वाले चावल में एक क्विंटल के साथ एक प्रतिशत की छूट दी है। इसके लिए करीब 200 करोड़ रूपये की राशि मिलर्स को सरकार द्वारा भुगतान किया जाना है, लेकिन एफसीआई ने इस भुगतान में वर्ष 2007-08 में दिए गए बोनस के लिए आवश्यक कागजात की मांग करते हुए अड़ंगा डाल दिया है, जबकि मिलर्स का कहना है कि वे ये सभी कागजात पहले ही जमा करवा चुके हैं। अब बेवजह उनका भुगतान रोका जा रहा है।
सोमवार को होनी थी चंडीगढ़ में मुलाकात
सोमवार को हरियाणा राइस मिलर्स एवं डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मांगे राम खुरानिया के नेतृत्व में मिलर्स का प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ गया था। जहां संबंधित अधिकारियों के दिल्ली गए हुए होने के कारण उनकी बातचीत नहीं हो पाई। इस कारण मिलर्स ने अब बहिष्कार का निर्णय लिया है।
विज्ञापन

मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मांगे राम खुरानिया ने बताया कि चंडीगढ़ में संबंधित अधिकारियों से बातचीत नहीं हो पाई। इस कारण एक अक्तूबर से होने वाली धान की सरकारी खरीद का कई जिलों में मिलर्स द्वारा बहिष्कार किया जाएगा। जब तक उनके बकाया पैसे का भुगतान नहीं हो जाता, तब तक उनकी सरकारी धान की खरीद को लेकर हड़ताल रहेगी। मंगलवार सुबह सभी मिलर्स अग्रवाल धर्मशाला में एकत्रित होकर रोष जताएंगे। दो दिन बाद फिर से चंडीगढ़ में अधिकारियों के साथ बैठक रखी गई है। प्रतिनिधिमंडल में जगदीश गोयल, अश्वनी शोरेवाला, जोगध्यान गोयल सहित अन्य मिलर्स शामिल थे। मार्केट कमेटी सचिव रविंद्र सैनी ने बताया कि अनाजमंडी में धान की सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा की जानी है। अब यह खरीद एजेंसियों को देखना है कि किस तरह से खरीदेंगे। यदि सरकारी खरीद नहीं होती है तो प्राइवेट व्यापारी खरीद सकते हैं। इस समय मंडी में बासमति 1309 की कीमत 3500, सरबती किस्म 1600 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल एवं पीआर-11 एवं 14 किस्म 1300 से 1500 रुपये तक बिक रही हैं।  
विभाग के पास अभी नहीं आए आदेश
डीएफएससी सुरेंद्र सैनी ने बताया कि राइस मिल मालिकों को मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ मुख्यालय पर बुलाया हुआ है। विभाग द्वारा भी मुख्यालय को राईस मिल मालिकों के फैसले के बारे में अवगत करवाया हुआ है। सिक्योरिटी 20 लाख से घटाकर 5 लाख करने के प्रावधान की सूचना अभी उनके पास नहीं आई है। जैसे ही सरकार के आदेश होंगे। खरीद का कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें