अब अरावली पर्वत शृंखला क्षेत्र में वन संपदा और हरियाली की रखवाली के लिए दीवार बनाई जाएगी। परियोजनाओं को सिरे चढ़ाने में दशकों पुराने करीब 2500 हरे पेड़ों पर भी इस साल आरी चली हैं, जिनकी भरपाई के लिए भी वन विभाग ने मास्टर प्लान तैयार किया है।
वन विभाग अरावली पर्वत शृंखला में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम उठाने जा रहा है। अरावली पहाड़ी क्षेत्रों में पौधों की सुरक्षा के लिए चूने-मिट्टी की दीवार बनाई जाएगी ताकि प्राकृतिक तौर पर पौधों का फुटाव हो और वो वृक्ष बनने का सफर आसानी से तय कर सकें। इसके लिए 75 हेक्टेयर अरावली पर्वत शृंखला क्षेत्र में दीवार बनाई जाएगी। इनमें तोशाम क्षेत्र के गांव दुल्हेड़ी, धारण, रिवासा व बीरण शामिल है। भिवानी जिले में करीब 5800 हेक्टेयर वन आरक्षित क्षेत्र है। उनमें अधिकांश सड़क किनारे, खनन पहाड़ी क्षेत्र व रेलवे लाइन के समीप खाली जगह हैं।
90 गांवों में मानसून में लगेंगे नए पौधे
वन विभाग ने हरियाली का दायरा बढ़ाने के लिए जिले में 90 गांवों का चयन किया है। इनमें नए पौधे लगाए जाएंगे। जिसमें सामाजिक व पर्यावरण की दिशा में काम करने वाले संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा। इन पौधों के रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को सौंपी जाएगी।
किसानों के खेतों में मुफ्त रोपित होंगे 66 हजार पौधे
वन विभाग 66 हजार सफेदे के पौधों को मुफ्त में किसानों के खेतों में रोपित करेगा। करीब 60 हजार हेक्टेयर किसानों की भूमि पर वन विभाग लंबे पौधे लगाएगा।
जल शक्ति अभियान में तीन लाख पौधे होंगे वितरित
जलशक्ति अभियान के तहत करीब तीन लाख पौधे ग्राम पंचायतों को वितरित किए जाएंगे। वन विभाग ने 90 गांवों का चयन किया हैं, जहां पर वन विभाग सार्वजनिक भूमि पर पौधों को रोपित करेगा। इसी के साथ इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी ग्राम पंचायतों को सौंपी जाएगी, ताकि रोपित पौधों को बचाया जा सके।
300 से अधिक पहुंच रहा एक्यूआई
प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इसी वजह से आबोहवा भी प्रदूषित हो रही है। भिवानी में लॉकडाउन से पहले एक्यूआई 300 तक पहुंच गया, लेकिन इनदिनों लॉकडाउन में एक्यूआई में काफी सुधार दर्ज किया गया है। इस समय भिवानी में एक्यूआई 118 दर्ज किया है। हवा के साथ साथ जल प्रदूषण भी हो रहा है। भूमिगत जल स्तर भी काफी गहराई में हैं, जिस वजह से भूमिगत पानी भी पीने लायक नहीं है।
अभियान में 90 हजार पौधे लगाएंगे बच्चे
जुलाई माह में मानसून की दस्तक के साथ ही वन विभाग का पौधरोपण अभियान भी शुरू होगा। इस बार वन विभाग करीब करीब छह लाख नए पौधे वन आरक्षित क्षेत्र में रोपित करेगा। इसी के साथ पौधगिरी अभियान के तहत 90 हजार पौधे बच्चों द्वारा रोपित किए जाएंगे। वन विभाग की नर्सरियों में नए पौधों की खेप तैयार हो चुकी है।
जिले के चार पुलिस थाने में होगी हरियाली
वन विभाग सिवानी, बहल, तोशाम और बवानीखेड़ा पुलिस थाना में पौधे लगाएगा। इन थानों के अंदर हरियाली का दायरा इस तरह विकसित किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले को लगे कि यहां हरियाली थाना है।
पौधे लगाना अहम नहीं बल्कि पौधों को बचाना महत्वपूर्ण बात है। पर्यावरण संरक्षण के लिए अरावली क्षेत्र में दीवार बनाई जाएगी, ताकि प्राकृतिक तौर पर उगने वाले पौधों का फुटाव हो सके। किसानों को मुफ्त पौधे दिए जाएंगे और पौधगिरी व जलशक्ति अभियान के साथ साथ ग्राम पंचायतों व सरकारी विभागों में पर्यावरण संरक्षण के लिए अहम कदम उठाए जाएंगे। विकास कार्यों में काटे गए पेड़ों की भरपाई के लिए भी व्यापक कार्ययोजना बनाई गई है। जिस पर जल्द ही काम शुरू होगा। पुलिस के चार थानों को भी माडल हरियाली थाने के तौर पर विकसित किया जाएगा।
विपिन कुमार सिंह, आईएफएस एवं जिला वन मंडल अधिकारी भिवानी।
वन विभाग द्वारा पिछले साल किसानों के खेतों में लगाए गए सफेदे के पेड़। संवाद- फोटो : Bhiwani