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महिलाएं बोलीं- सरकार की हठधर्मिता के कारण सड़क पर मनाना पड़ रहा त्योहार

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कितलाना टोल पर सरकार विरोधी नारेबाजी करते किसान। विज्ञप्ति - फोटो : Bhiwani
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भिवानी। तीज का पावन त्योहार झूला झूलते हुए महिलाओं ने कितलाना टोल पर जोश उल्लास से मनाया। महिला वक्ताओं ने कितलाना टोल पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को संबोधित करते हुए कहा कि हर इंसान की इच्छा होती है कि वह घर पर त्योहार मनाए, लेकिन आज सरकार की हठधर्मिता के कारण आज महिला, किसान और मजदूर रोड़ पर त्योहार मनाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकार को इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
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उन्होंने कहा कि गत वर्ष नवंबर में जब तीन काले कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन शुरू हुआ तो उस वक्त सरकार को गलतफहमी थी कि किसान थोड़े में अलग-थलग पड़ जाएंगे और चंद दिनों में घर लौट जाएंगे, लेकिन आज 8 महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद महिलाओं के साथ मजदूर भी मजबूती से किसानों के साथ खड़े हैं और सरकार बेचैन है। अभी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी गलती सुधार लें और संसद का विशेष अधिवेशन बुलाकर तीन काले कानून रद्द करने की घोषणा करें। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कितलाना टोल धरने के 230वें दिन कृष्णा छपार, संतोष देशवाल, मुकेश पहाड़ी, निर्मला पांडवान, राजबाला कितलाना, कमलेश भैरवी, मायावती पैंतावास, मूर्ति ने संयुक्त रूप से अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि कुछ भी हो जाए, जब तक तीन काले कानून रद्द नहीं होते हम हरहाल में किसानों के कंधे से कंधा मिलाकर ये लड़ाई लड़ेंगे। बुधवार को धरने की कमान पूरी तरह से महिलाओं के हाथ में रही। टोल पर महिलाओं ने एक दूसरे को झूला झुलाया। खास बात यह रही कि तीज के अवसर पर गुलगुले और सुहाली वितरित की गई। इस अवसर पर ममता गौरीपुर, सुशीला घणघस, संतोष नीमड़ीवाली, बाला, रेणु छपार, कमला, रेशमा, मीना, सूशील, रतन्नी देवी, रचना, संतरा, निंबो, प्रेम कितलाना, सीमा, रामरती, भतेरी, पिंकी, मरमण समेत बड़ी संख्या में महिलाओं समेत किसान मौजूद थे।
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