भिवानी। गर्मियों की शुरुआत के साथ ही शहर में जल संकट गहरा गया है। आठ फरवरी से नहरों में पानी बंद है। जबकि 15 मार्च को नहरों में पानी आने की उम्मीद जताई जा रही है। अब हालात ये हैं कि आगामी 12 दिन तक पूरे शहर में पानी की आपूर्ति कर पाना भी जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। शहर में इसी सप्ताह से 10 से 15 मिनट पानी की राशनिंग भी शुरू हो चुकी है। अगर निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से नहरों में पानी नहीं पहुंचा तो फिर शहरवासियों को एक दिन छोड़कर एक दिन पानी मिलेगा।
महम रोड पुराने जलघर के टैंकों में नाममात्र का पानी बचा है। पुराने जलघर से सरकुलर रोड के अंदरूनी इलाके की करीब 60 हजार लोगों की आबादी को पेयजल आपूर्ति दी जा रही है, ऐसे में निनान वाटर वर्क्स से पुराने शहर को आपूर्ति के लिए अतिरिक्त पानी लेकर काम चलाया जा रहा है।
नहरों में इस बार उम्मीद से कहीं कम पानी पहुंचने की वजह से जलघर के टैंकों में पर्याप्त भंडारण नहीं हो पाया। शहर के पुराने जलघर में दो टैंकों का निर्माण चल रहा है। इस वजह से यहां पानी भंडारण की क्षमता भी काफी कम हो गई है। आठ फरवरी को ही नहर में पानी बंद हो गया था। इस वजह से महम रोड के जलघर टैंकों में मात्र आठ से दस दिन सप्लाई चलाने भर का ही पानी भंडारण हो पाया था। गर्मी की शुरुआत के साथ ही लोगों की पानी की जरूरतें भी बढ़ने लगी हैं। जनस्वास्थ्य विभाग सर्दियों में पानी की टाइमिंग घटा देता है, मगर गर्मियों में टाइमिंग बढ़ जाती है। लेकिन नहरी पानी की किल्लत ने जनस्वास्थ्य विभाग का शेड्यूल बिगाड़ दिया है। वर्तमान में पानी का शेड्यूल बढ़ाने की बजाय घटाया गया है। जिन इलाकों में आधा से पौना घंटे आपूर्ति होती थी, उनमें 25 से 30 मिनट तक ही पानी की आपूर्ति दी जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्र के वाटर टैंक भी सूखने की कगार पर
शहरी दायरे के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के वाटर टैंक भी सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के टैंकों के साथ-साथ फसलों में सिंचाई के लिए भी नहरी पानी की मांग बढ़ गई है, मगर नहरों में पानी न होने की वजह से ग्रामीण क्षेत्र के टैंक भी इस बार पूरे नहीं भर पाए। अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की कटौती से ही काम चल रहा है। वहीं शहर के पॉश इलाका हुडा सेक्टर के लोग भी गंभीर पेयजल संकट से घिर गए हैं। यहां पर भी पानी की भारी राशनिंग की जा रही है।
वर्जन-
सुंदर ग्रुप की नहरों में इस बार 2250 क्यूसेक पानी की डिमांड भेजी है। मगर मांग के अनुरूप पानी मिलने की उम्मीद काफी कम हैं। हमें 10 मार्च तक नहर में पानी आने का आश्वासन मिला हैं। हमारी प्राथमिकता सभी जलघरों व जोहड़ों को पानी की पर्याप्त आपूर्ति देने की रहेगी।
- पुनीत राय, कार्यकारी अभियंता यमुना जल सेवाएं परिमंडल भिवानी।
वर्जन-
हमारे टैंकों को इस बार पर्याप्त नहरी पानी नहीं मिला। पुराने जलघर की भंडारण क्षमता पहले ही काफी घट चुकी है। इसलिए शहर में 10 से 15 मिनट की राशनिंग शुरू की है। पुराने शहर में आपूर्ति के लिए निनान जलघर से अतिरिक्त पानी लिया जा रहा है। हम लोगों से भी अपील कर रहे हैं कि वे पानी की बर्बादी न करें और नहर आने तक पानी का सदुपयोग करें।
- प्रवीण जांगड़ा एसडीओ शहरी पेयजल शाखा भिवानी।