भिवानी-हांसी नेशनल हाईवे 148-बी पर गांव मिलकपुर में रविवार सुबह करीब साढ़े सात बजे तेज रफ्तार एक कैंटर ने बाइक से खेत में जा रहे मां-बेटे व एक साइकिल सवार युवक को कुचल डाला। हादसा इतना जबरदस्त था कि मां-बेटा के शव सड़क से दूर किनारे खाई में जा गिरे। हादसे में दो लोग गंभीर घायल हो गए। उन्हें हांसी ले जाया गया, जहां एक को मृत घोषित कर दिया और दूसरे को हिसार रेफर किया गया। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। हादसे की जानकारी मिलते ही बवानीखेड़ा पुलिस भी मौके पर पहुंची। ग्रामीण करीब साढ़े पांच घंटे तक मां-बेटे के शव को सड़क पर रखकर डटे रहे। बाद में बीडीपीओ के आश्वासन पर जाम खोला गया।
गांव मिलकपुर निवासी 32 वर्षीय सुनील कुमार अपनी 52 वर्षीय मां राजबाला को बाइक पर बैठाकर खेत में कीटनाशक का छिड़काव करने जा रहा था। गांव का ही 30 वर्षीय महीपाल भी अपने चचेरे भाई 14 वर्षीय अंकित को साइकिल पर पीछे बैठाकर खेत से पशुचारा लेने जा रहा था। इसी दौरान बवानीखेड़ा की तरफ से हांसी की तरफ आ रहे एक तेज रफ्तार कैंटर ने हाईवे पर पहुंचने के बाद सुनील की बाइक में सीधी टक्कर मार दी। इस हादसे से अनियंत्रित कैंटर साइकिल सवार को भी कुचलता हुआ आगे बढ़ गया। हादसे में बाइक सवार सुनील व उसकी मां की मौके पर ही मौत हो गई और बाइक की टक्कर लगने के बाद दोनों के शव भी सड़क से दूर खाई में जा गिरे।
वहीं घायल साइकिल सवार महीपाल और अंकित को ग्रामीणों ने हांसी के अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने महीपाल को मृत घोषित कर दिया, जबकि अंकित की गंभीर हालत देखते हुए उसे हिसार रेफर कर दिया। सड़क हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने गांव मिलकपुर बस स्टैंड पर मां बेटे के शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। जाम की वजह से सैकड़ों वाहन फंस गए। करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
जाम की जानकारी के बाद हाईवे अथॉरिटी के अलावा बवानीखेड़ा के बीडीपीओ रवींद्र दलाल मौके पर पहुंचे और जाम लगाने वाले ग्रामीणों को समझाया। ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों के लिए 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता व एक-एक सरकारी नौकरी की मांग की वहीं घायल अंकित के लिए 10 लाख आर्थिक सहायता दिलाने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा मिलकपुर हाईवे पर हादसा स्थल व बस स्टैंड पर स्पीड ब्रेकर बनवाने व सड़क पर संकेतक लगवाए जाने की भी मांग एनएच अधिकारियों के समक्ष रखी गई। ग्रामीणों ने लिखित में बीडीपीओ को अपना मांग पत्र सौंपा। बीडीपीओ के आश्वासन के बाद ही करीब साढ़े पांच घंटे बाद ग्रामीणों ने सड़क से जाम खोला।
बवानीखेड़ा पुलिस थाना एसएचओ संदीप शर्मा ने बताया कि हादसे के बाद कैंटर चालक फरार है। वहीं मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज कर इस संबंध में कैंटर चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंपा जाएगा।