भिवानी। अतिक्रमणकारियों के लिए कोई हद (सीमा) नहीं है। शहर की मुख्य सड़कों पर वाहनों को दिशा दिखाने वाले दिशा सूचक खुद भटक गए हैं। वहीं भीड़ को नियंत्रित करने और जाम को सुलझाने में मददगार बैरिकेड भी खुद रेडिमेड कपड़ों के अवैध बाजार में उलझकर रह गए हैं। न दिशा सूचक को बख्शा और न बैरिकेड पर रहम किया।
फुटपाथ पर सजी रेडीमेड कपड़ों की अवैध मार्केट ने दिशा सूचक और पुलिस के बैरिकेड को ही हैंगर बना डाला। इन पर टंगे कपड़ों को लोग खरीद भी रहे हैं, लेकिन किसी को जरा सी भी परवाह नहीं कि ये नियमों को ठेंगा दिखा खुलेआम अतिक्रमण किए हुए हैं।
भिवानी के घंटाघर चौक से हांसी गेट की तरफ आने वाली फुटपाथ पर नेहरू पार्क से लेकर हांसी चौक तक के फुटपाथ अतिक्रमण की भेंट चढ़ गए हैं। यहां पर फुटपाथ पर अतिक्रमण करने वालों ने उस हर चीज पर कब्जा जमा लिया, जो उनके आड़े आ रही है। इन्हीं में हैं बीएंडआर द्वारा लगाए गए दिशा सूचक यानी एक शहर से दूसरे शहर में आने-जाने और उन शहरों की दूरी का सही आकलन वाहन चालकों को बताने के संकेतक। इन दिनों ये संकेतक हैंगर की भूमिका निभा रहे हैं। जिन पर टंगे कपड़े दूर से ही ग्राहकों को आसानी से दिखाई दे रहे हैं। इन्हीं के पास पुलिस के बैरिकेड भी हैंगर बने हैं, जिन पर दोनों तरफ कपड़े टंगे हैं। दुकानदारों से जब इनके बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि दिनभर इनका इस्तेमाल कपड़ों की नुमाइश के लिए करते हैं, फिर रात को इन्हें यहीं साइड में लगाकर चले जाते हैं। अचरज की बात तो यह भी है कि नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस पिछले दो माह में इस हिस्से में करीब पांच से छह बार अतिक्रमण हटाओ अभियान भी चला चुकी है। इसके बावजूद फुटपाथ पर जमे ये अतिक्रमण टस से मस तक नहीं हुए हैं।
दुकानों के आगे फुटपाथ का भी वसूल रहे किराया
शहर के मुख्य मार्गों और बाजारों में दुकानों के आगे फुटपाथ का भी किराया वसूला जा रहा है। यह बात नप अधिकारियों के संज्ञान में भी आ चुकी है। इसके बावजूद फुटपाथ से अवैध कब्जों को नहीं हटाया गया है। दिखावे के लिए तो नप कई बार इन बाजारों व मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण हटाने की मुहिम चला चुकी है। कुछ सामान भी उठाकर साथ ले गई, मगर पूरी तरह से फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया।
अवैध स्टॉलों ने कब्जाई पार्किंग की जगह
शहर के अंदर फुटपाथ पर अवैध स्टॉलें लग रहे हैं, जिन्होंने वाहन पार्किंग की जगह तक कब्जा किया है। शहर के सरकुलर रोड और मुख्य चौराहों के आसपास आलम यह है कि दुकानों की तरह ही अवैध स्टॉल व खोखे बने हैं, जिनमें दुकानों जैसी सभी सुविधाएं भी संबंधित विभागों से ली गई हैं। एक तरह से अवैध स्टॉलों को वैध तरीके से सुविधाएं मिल रही हैं। इसकी एक बानगी शहर के किरोडीमल मंदिर के पास लगे कॉस्मेटिक्स के अवैध स्टॉल शामिल हैं, जिनमें बिजली मीटर तक लगे हैं।
अतिक्रमण हटाने के लिए टीमें लगाई हैं
नगर परिषद की दो टीमें अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर लगाई हुई हैं। ट्रैफिक पुलिस के साथ नगर परिषद का ये संयुक्त अभियान चल रहा है। इसमें समय-समय पर संबंधित बाजारों में अतिक्रमण हटवाया जा रहा है। इसके बाद भी अतिक्रमण करने वाले बाज नहीं आ रहे हैं।
-संजय कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद भिवानी।
अतिक्रमण नहीं होने देंगे
शहर में जाम की स्थिति से निजात दिलाने के लिए फुटपाथ पर किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं होने देंगे। इसके लिए नगर परिषद के साथ संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है। शहर के जिन हिस्सों में वाहन पार्किंग की व्यवस्था नहीं हैं, वहां पार्किंग का प्रबंध भी फुटपाथ पर करा रहे हैं। कोई भी साइन बोर्ड या पुलिस बैरिकेड का दुरुपयोग हो रहा है तो इस संबंध में भी कड़ा संज्ञान लिया जाएगा।
-श्रीभगवान यादव, एसएचओ, ट्रैफिक पुलिस थाना भिवानी।