भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं की बोर्ड परीक्षा के पहले दिन वीरवार को युवाओं में नकल कराने का खुमार दिखा। ये युवा नकल कराने के जोश में 14 फुट ऊंची दीवार की बाधा को भी पार कर गए। अंदर पहुंचे तो पुलिस कर्मी भी पीछे दौड़े, लेकिन डंडे खाकर भी युवा नहीं मानें।
हमारी टीम ने शहर के कई परीक्षा केंद्रों का यह नजारा देखा, जिसमें नियमों की धज्जियां उड़ीं। इन युवाओं को सेंटर के अंदर उड़नदस्तों का कोई डर नहीं था न ही पुलिस कर्मचारियों का। ये तो बस अपने काम करने में ही रमे रहे।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वीरवार को दसवीं की सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा हुई। शहर के सेठ किरोड़ीमल मॉडल संस्कृति विद्यालय के अंदर बने परीक्षा केंद्र में काफी हद तक बाहरी हस्तक्षेप था। परीक्षा शुरू होने के चंद मिनटों बाद ही नकल कराने वालों ने करीब 14 फुट ऊंची दीवारों पर मोर्चा संभाल लिया। वहीं परीक्षा केंद्र से थोड़ी दूरी बनाकर बैठे युवाओं ने गाइड में सामाजिक विज्ञान के प्रश्नपत्र में पूछे गए सवालों का हल ढूंढने में खूब दिमाग खपाया। इसी परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा ड्यूटी दे रहे पुलिस कर्मचारी ने भी नकल कराने का प्रयास करने वाले युवाओं को डंडे से कई बार खदेड़ा, मगर ये युवा नहीं माने। केंद्र में दो बार उड़नदस्तों के अधिकारियों ने भी दस्तक दी, उनके आगे भी ये युवा कमरों के अंदर नकल की पर्चियां डालते दिखे।
नकल कराने वालों के पीछे दौड़े जवान
परीक्षा केंद्र पर तैनात पुलिस जवान भी नकल कराने के लिए जुटे लोगों के पीछे खूब दौड़े। हनुमान ढाणी स्थित राजकीय उच्च विद्यालय के परीक्षा केंद्र पर तो अंदर और बाहर दोनों तरफ पुलिस का कड़ा पहरा दिखा। बुधवार को इसी परीक्षा केंद्र की छतों पर नकल कराने वालों ने खूब उत्पात मचाया था, जिनके पीछे पुलिस भी दौड़ती रही थी, लेकिन वीरवार को यहां पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी और परीक्षा केंद्र के बाहरी दायरे में भी सुरक्षा घेरा मजबूत बनाया। पुलिस कर्मचारी संकरी दीवारों पर भी नकल कराने वालों के पीछे दौड़ी और डंडों से भी सबक सिखाया।
परीक्षा के बाद जब कमरों की हुई सफाई तो लग गए पर्चियों के ढेर
दसवीं की बोर्ड परीक्षा दोपहर बाद जैसे ही खत्म हुई तो परीक्षा केंद्र के कमरों व खिड़कियों के आसपास पर्चियों के ढेर लगे दिखे। इन ढेरों को परीक्षा केंद्र के सफाई कर्मचारियों ने समेटा और फिर डस्टबिन में डाला। सफाई कर्मचारी से पूछा गया तो उसने बताया कि पहले पेपर में ही काफी पर्चियां एकत्रित हुईं, जिन्हें एक जगह ढेर लगाकर जलाना पड़ा। पर्चियों का इस्तेमाल करने के बाद परीक्षार्थी भी उन्हें इधर-उधर खिड़कियों से बाहर फेंक देते हैं।
दस मिनट बाद ही बाहर आ गया था व्हाट्सएप पर पेपर
दसवीं के सामाजिक विज्ञान का पेपर भी परीक्षा शुरू होने के दस मिनट के अंदर ही परीक्षा केंद्र से बाहर व्हाट्सएप पर आ चुका था, जिसे बाहर खड़े युवा अपने मोबाइल फोन में देखकर प्रश्नों का हल गाइड के अंदर ढूंढने में लग गए। ये युवा प्रश्नों की हल की पर्चियां बनाकर अपने साथियों को थमा रहे थे, जो उन्हें परीक्षा केंद्र के अंदर परीक्षार्थी तक पहुंचा रहा था।
प्लीज अंकल फोटो मत खींचना
परीक्षा केंद्र के बाहर नकल कराने के लिए दीवारों को फांद रहे युवाओं को जब कैमरा दिखा तो वे अपील करते दिखे कि प्लीज अंकल फोटो मत खींचना। एक युवा बोला अंकल मेरी बहन पेपर दे रही है, उसे पर्ची नहीं मिली तो फेल हो जाएगी। अगले साल उसकी शादी है, ससुराल में क्या मुंह दिखाएगी। दूसरा युवा बोला उसका छोटा भाई पेपर दे रहा है। कोरोना में स्कूल कई दिन बंद रहे। इस वजह से तैयारी नहीं कर पाया। उसके पास होने के लिए नकल कराने आया हूं।
परीक्षा केंद्र के बाहर से युवकों को खदेड़ता पुलिस अधिकारी। संवाद- फोटो : Bhiwani
मॉडल संस्कृति राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के परीक्षा केंद्र की दीवार पर चढ़कर नकल फेंकने का- फोटो : Bhiwani