माइनर टूटने से धान की फसल में भरा पानी दिखाता किसान। संवाद
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बवानीखेड़ा (भिवानी)। गांव धनाना के अन्नदाताओं पर सिंचाई विभाग की लापरवाही फिर भारी पड़ी है। यहां तीन दिन में दूसरी बार शनिवार को धनाना माइनर टूटने से 80 एकड़ धान की फसल जलमग्न होकर खराब हो गई।
किसान कृष्ण, कुलदीप, संदीप, रोशन, जयप्रकाश, रामेहर, जयबीर, रामपाल, रविंद्र और पवन ने आरोप लगाया कि बीते 3-4 साल से बार-बार इस माइनर के टूटने से अनेक किसान बर्बाद हो रहे हैं। सिंचाई विभाग की लापरवाही अन्नदाता पर भारी पड़ रही है। किसानों ने कहा कि तीन दिन में दूसरी बार माइनर टूटने से आज करीब 80 एकड़ धान की पकी पकाई फसल जलमग्न होकर खराब हो गई। पीडित किसानों ने इसके लिए सिंचाई विभाग को जिम्मेदार बताया है। मुआवजे के तौर पर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ देने की मांग की है। साथ ही जल्द पानी निकालने की मांग की है, ताकि अगली फसल की बिजाई प्रभावित न हो। उन्होने कहा कि बार-बार माइनर टूटने का कारण सिंचाई विभाग की लापरवाही है। क्योंकि विभाग माइनर की समुचित सफाई नहीं करवाता है।
जेसीबी की मदद से माइनर को पाटा
सिंचाई विभाग के जेई रोहित ने कहा कि वह सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और जेसीबी की मदद से माइनर को पाट दिया है। खेतों से पानी निकालने के लिए विभाग ने पंप सैट और डीजल उपलब्ध करवा दिया है। किसानों के ट्रैक्टरों की मदद से खेतों से पानी निकाला जा रहा है। सुबह तक पानी निकल जाएगा।