हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से 30 मार्च से 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा ली जाएगी। बोर्ड अधिकारियों ने पर्यवेक्षक की ड्यूटी तय करने के लिए शहरी स्कूल मुखियाओं को पत्र जारी किया है। पत्र के अनुसार प्रदेशभर के शहरी क्षेत्र में वाले स्कूलों का स्टाफ अपने ही स्कूल में पर्यवेक्षक के तौर पर ड्यूटी देगा। इसके लिए स्कूल मुखिया को अपने स्टाफ के पर्यवेक्षक ड्यूटी की सूची बनाकर शिक्षा बोर्ड में भेजनी है। इस सूची की पूरी जांच के बाद बोर्ड पर्यवेक्षक की अंतिम सूची जारी करेगा।
शिक्षा बोर्ड की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अगर किसी शहरी स्कूल के पास स्टाफ कम है और वे पर्यवेक्षक की ड्यूटी लगाने में सक्षम नहीं है तो वे यह सूचना शिक्षा बोर्ड को पूर्व में ही देंगे। ऐसे स्कूलों में शिक्षा बोर्ड अपने स्तर पर अलग से पर्यवेक्षक की ड्यूटी लगाएगा। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि सभी स्कूलों से पर्यवेक्षक की सूची के लिए पत्र जारी कर दिया है।
स्कूलों से पर्यवेक्षक की सूची मिलती है उसमें से फाइनल चयन पर पर्यवेक्षक की ड्यूटी तय कर दी जाएगी। पर्यवेक्षक को वार्षिक परीक्षा में ड्यूटी देने से पहले नियम और कार्य के बारे में जानकारी भी दी जाएगी, ताकि परीक्षा का सफल संचालन हो सके।
स्कूल मुखियाओं से सूची मिलने के बाद शिक्षा बोर्ड अंतिम सूची जारी करेगा। स्कूल में स्टाफ की कमी हुई तो हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अलग से पर्यवेक्षक भेजेगा। प्रदेश में 1547 परीक्षा केंद्रों पर 668589 परीक्षार्थी सेकेंडरी/ सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की परीक्षा देंगे।
परीक्षा केंद्रों पर निरीक्षण के लिए 372 उड़नदस्ते गठित किए हुए हैं। प्रदेशभर में यह परीक्षाएं 30 मार्च से आरंभ होगी। परीक्षा का समय दोपहर साढ़े 12 बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक रहेगा। परीक्षार्थी परीक्षा आरंभ होने से 30 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र पर पहुंचें। वहीं परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र शिक्षा बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर उपलब्ध है।
शिक्षा बोर्ड की ओर से दसवीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षा 30 मार्च से आयोजित की जानी है। इसकी प्रवेश पत्र बोर्ड की अधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। परीक्षा के सफल संचालन के लिए पर्यवेक्षक ड्यूटी के लिए स्कूल मुखिया को पत्र जारी किया है। शहरी स्कूलों में उसी स्कूल का स्टाफ पर्यवेक्षक की ड्यूूटी देगा। हालांकि पर्यवेक्षक ड्यूटी की अंतिम सूची बोर्ड की ओर से जारी की जाएगी। - वेदप्रकाश यादव, उपाध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी।