लघु सचिवालय के बाहर गेट पर मृतक राजकुमार का शव लेकर बैठे परिजन व अन्य। संवाद
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भिवानी। कस्बा बवानीखेड़ा पुलिस थाना के लॉकअप में युवक की मौत प्रकरण को लेकर रविवार दोपहर बाद परिजनों ने शव का रोहतक पीजीआई से पोस्टमार्टम कराने के बाद शहर के रोहतक चौक पर प्रदर्शन किया। परिजनों ने रोहतक गेट से शव के साथ पैदल ही लघु सचिवालय परिसर तक प्रदर्शन किया। फिर लघु सचिवालय के बाहर शव रखकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लघु सचिवालय के मुख्य गेट के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। वहीं मामले में मृतक राजकुमार के भाई गांव बवाना निवासी कश्मीरी की शिकायत पर रविवार देर रात करीब सवा नौ बजे बवानीखेड़ा पुलिस ने हवालात में राजकुमार की मौत प्रकरण में बवानीखेड़ा पुलिस थाना एसएचओ हरिओम, महिला जांच अधिकारी सुदेश कुमारी, लड़की के मामा और सोमबीर के खिलाफ हत्या, भ्रष्टाचार अधिनियम व एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस ने केस दर्ज किए जाने के बाद देर रात करीब पौने दस बजे लघु सचिवालय के बाहर शव के साथ धरने पर बैैठे परिजनों व जनसंगठन पदाधिकारियों को दी। इसके बाद परिजन शव को देर रात दस बजे घर ले जाने के लिए राजी हुए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना भी समाप्त कर दिया।
मृतक के भाई कश्मीरी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि बवानीखेड़ा पुलिस ने उन्हें थाने बुलाकर मारपीट और उनके माता-पिता से महिला जांच अधिकारी सुदेश ने रुपये लिए। इसके बाद उन्हें जातिसूचक शब्द कहे। उसके भाई राजकुमार को पकड़वाने का दबाव बनाने को लेकर उनको काफी प्रताड़ित किया गया। इसके बाद उसके भाई को गिरफ्तार किया तो उसके साथ भी पुलिस कर्मचारियों व लड़की के मामा ने मारपीट की। जब वह बवानीखेड़ा पुलिस थाना में खाना देने गया था। तब भी उसके भाई के साथ पुलिस कर्मचारी पट्टों से मारपीट कर रहे थे। इसके बाद उसे फोन पर सूचना दी गई कि उसके भाई के साथ अनहोनी हो गई है। उसका आरोप है कि उसके भाई की हत्या की गई है और महिला जांच अधिकारी ने उनसे पैसे लिए और उन्हें जातिसूचक शब्द कहे।
बवानीखेड़ा पुलिस थाना के लॉकअप में बंद गांव सिवाना निवासी 21 वर्षीय राजकुमार ने शौचालय के अंदर कंबल से फंदा बनाकर खुदकुशी कर ली थी। पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच चल रही है। वहीं शव का रविवार को रोहतक पीजीआई में चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया। बवानीखेड़ा थाना एसएचओ हरिओम व परिजन एंबुलेंस में रोहतक से शव लेकर भिवानी के रोहतक गेट चौक पर पहुंचे। परिजनों ने एंबुलेंस को रोहतक गेट चौक पर रोककर काफी देर तक प्रदर्शन किया और फिर इसके बाद पैदल ही शव के साथ प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर पहुंचे। वहां पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जिला उपायुक्त द्वारा नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अशोक कुमार प्रदर्शनकारियों से बात करने पहुंचे। मगर मृतकों के परिजन अपनी मांग पर डटे रहे। देर शाम सात बजे तक भी परिजन व जनसंगठनों के पदाधिकारी शव को लघु सचिवालय के गेट पर रखकर मौके पर डटे रहे। वहीं प्रशासनिक अधिकारी इस मसले को लेकर बैठक करते रहे।
ये बोले- जनसंगठनों के पदाधिकारी
राजकुमार की लॉकअप में मौत प्रकरण पर प्रदर्शन कर रहे आंबेडकर राइट सोशल वर्कर यूनियन के सुनील गोलपुरिया, महेंद्र, टिंकू चौपड़ा, परमहंस चौपड़ा, जसवंत कलियाना, कुलवंत रंगा, रतन मेहरा, कुलदीप दिनोद ने कहा कि उनकी प्रशासन से मांग है कि महिला जांच अधिकारी व थाना एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई की जाए है। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक के परिजनों के वृद्ध माता-पिता को भी पुलिस ने काफी प्रताड़ित किया है। जबकि राजकुमार के परिजनों से मोटी रिश्वत भी ली है। आरोपी पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज की जाए। इस बारे में बवानीखेड़ा के ड्यूटी मजिस्ट्रेट एवं नायब तहसीलदार अशोक कुमार ने बताया कि मामले की मजिस्ट्रेट जांच चल रही है। पुलिस और प्रशासन मृतक के परिजनों के साथ पूरी सहानुभूति रखता है। हर संभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
थाने की हवालात में हुई राजकुमार की मौत मामले में पुलिस पर मामला दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्श?- फोटो : Bhiwani
प्रदर्शनकारियों को रोकती पुलिस । संवाद- फोटो : Bhiwani